जयपुर एयरपोर्ट पर सचिन पायलट और सतीश पूनिया की मुलाकात ने बढ़ाया सियासी पारा।
राजस्थान की राजनीति में शिष्टाचार की मिसाल जानें क्यों सतीश पूनिया ने सचिन पायलट को थमाई अपनी किताब।
राजस्थान की राजनीति में शिष्टाचार की मिसाल जब एयरपोर्ट पर मिले सचिन पायलट और सतीश पूनिया
मंगलवार को जयपुर एयरपोर्ट से एक ऐसी तस्वीर सामने आई जिसने सबका ध्यान खींच लिया प्रदेश की राजनीति के दो दिग्गज और डीसेंट चेहरे कांग्रेस नेता सचिन पायलट और भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सतीश पूनिया अचानक एक-दूसरे के सामने आ गए विचारधाराओं का फर्क किनारे रहा और दोनों नेताओं के बीच बेहद आत्मीयता के साथ मुलाकात हुई अक्सर कड़े राजनीतिक मुकाबलों में उलझे रहने वाले इन नेताओं की इस अनौपचारिक बातचीत ने सियासी गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है। दोनों ही नेताओं ने काफी देर तक बातचीत की, जो राजस्थान की उस राजनीतिक परंपरा को दर्शाती है जहाँ व्यक्तिगत रिश्ते हमेशा पार्टी की राजनीति से ऊपर रखे जाते हैं।
अग्निपथ नहीं जनपथ पायलट को भेंट की संघर्षों की कहानी
इस मुलाकात का सबसे खास पल वह था जब डॉ. सतीश पूनिया ने अपनी हालिया चर्चित पुस्तक अग्निपथ नहीं जनपथ सचिन पायलट को भेंट की यह किताब डॉ. पूनिया के छात्र राजनीति (ABVP) से लेकर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष बनने तक के सफर और संघर्षों पर आधारित है सचिन पायलट ने भी मुस्कुराते हुए किताब स्वीकार की और डॉ. पूनिया को इसके लिए बधाई दी।
इससे पहले ऐसी ही तस्वीर सीकर में गोविंद सिंह डोटासरा और राजेंद्र राठौड़ के बीच भी देखी गई थी जानकारों का मानना है कि भले ही इन नेताओं के रास्ते अलग हों,लेकिन सार्वजनिक मंचों पर ऐसा शिष्टाचार लोकतंत्र की मजबूती का संकेत है।