खेजड़ी संरक्षण कानून: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से संतों की मुलाकात, जताया आभार
खेजड़ी संरक्षण कानून की घोषणा पर संतों ने सीएम भजनलाल शर्मा से मिलकर आभार जताया, किया सम्मान
राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा से रविवार को मुख्यमंत्री निवास पर पर्यावरण प्रेमी संतों एवं समाज के प्रबुद्धजनों ने मुलाकात की। इस दौरान संतों ने राज्य विधानसभा में खेजड़ी संरक्षण के लिए कानून लाने की घोषणा पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया और उनका अभिनंदन किया। प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए संतों और प्रतिनिधियों ने इस निर्णय को ऐतिहासिक बताया।
मुकाम पीठाधीश्वर श्री रामानन्द जी महाराज ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि लगभग 70 वर्षों बाद राज्य सरकार द्वारा खेजड़ी वृक्ष की रक्षा के लिए कानून लाने की पहल अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि इस घोषणा से समाज में खुशी और संतोष का माहौल है। वहीं महन्त स्वामी सच्चिदानंद जी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने अगस्त 2025 में संतों और पर्यावरण प्रेमियों से जो वादा किया था, उसे अब निभाकर दिखाया है।
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने संतों को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी सरकार खेजड़ी सहित पर्यावरण संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि संतों और विशेषज्ञों से सुझाव लेकर ही खेजड़ी संरक्षण कानून की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि जल्द ही इस संबंध में कानून लाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में वृक्षों, नदियों और पर्वतों को पूजनीय माना गया है। संत और ऋषि समाज को सही दिशा दिखाने का कार्य करते हैं। उन्होंने बिश्नोई समाज के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि इस समाज ने पूरी दुनिया को प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर जीने की सीख दी है।
मुख्यमंत्री ने भगवान गुरु जंभेश्वर जी और मां अमृता देवी को नमन करते हुए कहा कि उनके बताए 29 नियम आज भी पर्यावरण संरक्षण का प्रभावी मॉडल हैं। उन्होंने “जीव दया पालनी, रुख लीलौ नहीं घावै” संदेश का उल्लेख करते हुए प्रकृति संरक्षण को भक्ति का रूप बताया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “एक पेड़ मां के नाम” अभियान से प्रेरित होकर राज्य सरकार ने बड़े स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाया है। पिछले दो वर्षों में 20 करोड़ पौधे लगाए गए हैं और अगले पांच वर्षों में 50 करोड़ से अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है।
-