राजस्थान में आयुर्वेद को नई उड़ान, मुख्यमंत्री ने एनआईए के स्वर्ण जयंती समारोह में जताई प्रतिबद्धता

राजस्थान में आयुर्वेद को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम, मुख्यमंत्री ने एनआईए के 50 वर्ष पूरे होने पर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

Feb 9, 2026 - 16:59
राजस्थान में आयुर्वेद को नई उड़ान, मुख्यमंत्री ने एनआईए के स्वर्ण जयंती समारोह में जताई प्रतिबद्धता

राजस्थान की भूमि सदियों से आयुर्वेद की पहचान रही है और आज भी यहां औषधीय पौधों व प्राकृतिक संसाधनों की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। यह बात मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान (एनआईए) के स्वर्ण जयंती समारोह के अवसर पर कही। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आयुर्वेद के संरक्षण, संवर्धन और जनमानस में उसके उपयोग को बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1976 में एक महाविद्यालय के रूप में शुरू हुआ राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान आज देश के प्रमुख आयुर्वेदिक संस्थानों में शामिल हो चुका है। शिक्षा, प्रशिक्षण, अनुसंधान और रोगी सेवा के क्षेत्र में एनआईए ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। भारत को विश्वगुरु बनाने में आयुर्वेद और योग की अहम भूमिका है। आयुर्वेद न केवल रोगों का उपचार करता है, बल्कि जीवनशैली को संतुलित करने की दिशा भी देता है। उन्होंने ऋषि चरक, सुश्रुत और वाग्भट्ट जैसे महान वैद्यों के योगदान को याद करते हुए कहा कि स्वस्थ शरीर ही धर्म का प्रथम साधन है।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘भारत में उपचार और भारत द्वारा उपचार’ के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि आयुष मंत्रालय की स्थापना से पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को नई पहचान मिली है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस ने भारतीय चिकित्सा परंपरा को वैश्विक मंच पर पहुंचाया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने आयुर्वेदिक अस्पतालों, महाविद्यालयों और डिस्पेंसरी की संख्या बढ़ाई है। आधुनिक प्रयोगशालाएं, पंचकर्म इकाइयों का सुदृढ़ीकरण और अनुसंधान के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं। इससे आयुर्वेद को जन-स्वास्थ्य की मुख्यधारा में शामिल किया जा रहा है।

केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री श्री प्रताप राव जाधव ने कहा कि एनआईए की 50 वर्षों की यात्रा आयुर्वेद के प्रति समर्पण का प्रतीक है। उप मुख्यमंत्री श्री प्रेमचंद बैरवा ने बताया कि आयुष्मान आदर्श ग्राम योजना के माध्यम से आयुर्वेद और योग को गांवों तक पहुंचाया जा रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने एनआईए परिसर में नवनिर्मित ओपीडी सुश्रुत भवन का लोकार्पण किया और प्रदर्शनी का अवलोकन किया।