नागौर नगर परिषद भ्रष्टाचार पर UDH मंत्री झाबर सिंह खर्रा का बड़ा बयान
नागौर में UDH मंत्री झाबर सिंह खर्रा बोले– गलत पट्टों की जांच जारी, दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
नागौर दौरे पर बोले मंत्री, विकास को पहुंचा भारी नुकसान
प्रदेश के स्वायत्त शासन विभाग (UDH) मंत्री झाबर सिंह खर्रा एक दिवसीय दौरे पर नागौर पहुंचे। इस दौरान सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने नागौर नगर परिषद में सामने आए भ्रष्टाचार के मामलों पर खुलकर अपनी बात रखी। मंत्री ने कहा कि नगर परिषद का पांच साल का कार्यकाल पूरा हो चुका है, लेकिन इस अवधि में जिस तरह की कार्यप्रणाली रही, उसने शहर के समग्र विकास को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। गलत फैसलों और संसाधनों के दुरुपयोग के कारण जनता को इसका खामियाजा भुगतना पड़ा।
मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने स्थानीय जनता को उनके लोकतांत्रिक दायित्वों की याद दिलाई। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नगर परिषद की मौजूदा स्थिति के लिए कहीं न कहीं मतदाता भी जिम्मेदार हैं, क्योंकि उन्होंने ही इन जनप्रतिनिधियों को चुना था। मंत्री ने कहा कि यदि भविष्य में शहर का सही विकास चाहते हैं, तो आगामी चुनावों में योग्य, ईमानदार और जिम्मेदार उम्मीदवारों का चयन करना बेहद जरूरी है।
नगर परिषद की पिछली बोर्ड बैठक में लिए गए निर्णयों को लेकर मंत्री ने बड़ी कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संसाधनों की गलत तरीके से की गई बंदरबांट को देखते हुए सरकार के निर्देश पर स्वायत्त शासन निदेशालय ने उन सभी निर्णयों को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। यह कदम नगर परिषद में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया गया है।
सरकारी संपत्तियों पर हो रहे अतिक्रमण को लेकर मंत्री ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने बताया कि राजस्थान आवासन मंडल की जमीन पर कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा अतिक्रमण और तारबंदी करने का प्रयास किया गया था, जिसे प्रशासन ने समय रहते हटवा दिया। मंत्री ने चेतावनी दी कि सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।
पट्टों के आवंटन में हुई अनियमितताओं पर मंत्री ने दोटूक कहा कि गलत तरीके से जारी किए गए पट्टों की गहन जांच चल रही है। जांच पूरी होने के बाद सभी अवैध पट्टों को निरस्त किया जाएगा। साथ ही, इस घोटाले में शामिल अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वर्तमान में हो रहे पंजीकरणों को लेकर मंत्री ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि केवल राजस्व मिलने से कोई दस्तावेज कानूनी नहीं हो जाता। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि देश में लाल किले से लेकर ताजमहल तक की फर्जी रजिस्ट्रियाँ हो चुकी हैं, लेकिन उनका कोई कानूनी आधार नहीं होता।