मेवाड़ से लेकर मारवाड़ तक चोरी का जाल, जीजा साला और ससुर की तिकड़ी ने की करोड़ो की चोरी।
सूर्यनगरी जोधपुर में बांसवाड़ा डूंगरपुर से आए जीजा साला ने एक बड़ी चोरी को अंजाम दिया। जिसमें सहयोग ससुर ने किया। जोधपुर पुलिस ने विशेष टीम गठित करते हुए सबूत जुटाते हुए आरोपियों को हिरासत में लिया और लूट का माल भी बरामद किया।
जोधपुर
मुख्य रूप से मारवाड़ कहलाने वाला जोधपुर जिसे सूर्यनगरी भी कहते हैं में भूचाल उस समय आ गया जब मेवाड़ सहित वागड़ इलाके से आकर जीजा साला और ससुर की तिकड़ी ने एक बड़ी लूट को अंजाम दिया। इस लूट ने जोधपुर पुलिस के पसीने छुड़वा दिए। क्योंकि जो चोरी हुई वो कोई लाख दो लाख की नहीं बल्कि करोड़ों रुपए की थी।
मिली जानकारी के अनुसार जोधपुर के सरदारपुरा थाना पुलिस ने एक बड़ी चोरी का खुलासा करते हुए आमजन में पुनः यह विश्वास जताया है कि अपराधी भले कितना ही शातिर हो पर कानून और पुलिस से बढ़कर नहीं है। पुलिस की अपराध पर कड़ी लगाम है।
दरअसल जोधपुर पुलिस ने करीब एक करोड़ की चोरी का खुलासा करते हुए तीन नामजद आरोपियों को हिरासत में लिया है जो आपस में जीजा साला और ससुर है।
पुलिस द्वारा की गई छानबीन और जांच में आरोपियों की पहचान जो है वो रणदीप सिंग (20 वर्ष) तथा दीपसिंह(20वर्ष) के रूप में की गई है। जिसमें सहयोग जो है वो तीर्थसिंह(47 वर्ष) ने किया था।
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सरदारपुरा निवासी भरत मेहता ने पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई कि उसके घर करीब एक करोड़ की हुई है। उन्होंने बताया कि उनके घर पर उनके बेटे की 6 फरवरी को शादी है जिस कारण वे घर पर ताला लगाकर मुंबई काम आए थे।
भरत मेहता ने बताया कि उन्हें पड़ोसियों से मिली जानकारी के अनुसार यह पता चला कि मेरे घर के मुख्य दरवाजे का ताला टूटा हुआ है और मैन गेट खुला हुआ है। जिस पर मैने मेरे रिश्तेदारों को फोन करके बताया कि हम मुंबई में हैं आप लोग मेरा घर जाकर देखो। इस पर मेरे रिश्तेदारों ने घर पर जाकर देखा तो सब बिखरा पड़ा था।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार भरत मेहता ने बताया कि उसके घर पर सोने के आभूषण, चांदी के बर्तन तथा नकद रु भी थे जिसे चोरों ने साफ कर दिए।
पुलिस ने जुटाए सबूत, किया दिन रात एक
जोधपुर कमिश्नर ने बताया कि इतनी बड़ी चोरी की घटना और दर्ज रिपोर्ट जैसे ही पता चली तो थाना स्तर पर ही एक विशेष टीम गठित की गई जिसने कड़ी मेहनत कर 200 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगालते हुए तथा कुछ और जानकारी खुफिया जानकारी भी जुटाते हुए बांसवाड़ा और डूंगरपुर के रहने वाले नामजद आरपीयों को डिटेन किया तथा टीम ने उन्हीं के क्षेत्र में रहते हुए इस चोरी को अंजाम देने वाले अपराधियों को नामजद किया और फिर गिरफ्तार किया।
पुलिस की कड़ी पूछताछ पर आरोपियों ने उगला सच
पुलिस की जांच व गहन पूछताछ में यह फैक्ट सामने आया कि आरोपी दीपसिंह और रणदीप सिंग दोनों ही 23 जनवरी को उदयमन्दिर इलाके की एक होटल में चोरी की घटना को अंजाम देने के लिए रुके थे पर उन्हें वहां कोई मकान वगैरह नहीं मिला जहां वे चोरी कर सके। और इसके बाद उन्होंने इधर उधर रेकी कर सरदार पूरा पहुंचे ताकि उन्हें कोई बंद मकान मिल जाए जिसमे वे चोरी कर सके तो उन्हें सरदारपुरा निवासी भरत मेहता का बंद पड़ा मकान दिखाई दिया और उन्होंने उस मकान की रेकी की तथा वापिस होटल चले गए।
फिर उसी रात एक मोटरसाइकिल चुराकर वापिस भरत मेहता के बंद पड़े मकान की ओर आए और उस बड़ी चोरी को अंजाम दिया। चोरी के बाद वापिस होटल गए वहां जल्दबाजी में होटल रिसेप्शन पर चेक आउट किया कारण पूछने पर बताया कि उनकी नानी की मौत हो गई है घर वालों ने तुरंत बुलाया है।
और होटल से चेक आउट कर रोड़वेज की बस से बांसवाड़ा पहुंचे। लूट का माल दीपसिंह ने अपने पिता तीर्थसिंह को दिया जिसे तीर्थसिंह ने ठिकाने लगाया और सभी वहां से फरार हो गए।
पुलिस ने जुटाए सबूतों और खुफिया जानकारी के आधार पर आरोपियों का पीछा किया। उन्हें गिरफ्तार किया और लूट का माल भी बरामद किया।