राजस्थान विधानसभा: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का कांग्रेस पर तीखा हमला, शायरी संग जवाब
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विधानसभा में कांग्रेस पर तथ्य और शायरी के साथ जोरदार हमला बोला। ईआरसीपी, युवाओं, राम मुद्दे और भ्रष्टाचार पर विपक्ष को घेरा।
विधानसभा में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। उन्होंने अपनी दो साल की सरकार के कामकाज को तथ्यों, शेर-शायरी और कहावतों के साथ रखते हुए विपक्ष को करारा जवाब दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के नेता अपनी सरकार बचाने के लिए दिल्ली जाते थे, जबकि वे जनता के हित के कामों के लिए जाते हैं।
ईआरसीपी और जल जीवन मिशन में कांग्रेस को घेरा
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार ने ईआरसीपी परियोजना को लटकाने का काम किया, जबकि उनकी सरकार ने 26 हजार करोड़ रुपये के कार्य धरातल पर शुरू किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के दौरान जल जीवन मिशन में भारी भ्रष्टाचार हुआ, जिसके 8 आरोपी और एक पूर्व मंत्री तक जेल में रहे। उन्होंने कहा कि “अभी तो पिक्चर बाकी है।”
‘राम’ मुद्दे पर भी साधा निशाना
श्री शर्मा ने कहा कि विपक्ष को ‘राम’ शब्द से भी समस्या है, जबकि उन्होंने ही अदालत में राम को काल्पनिक बताया था। उन्होंने तुलसीदास की चौपाई का उल्लेख करते हुए कहा कि राम के नाम से सिर्फ कालनेमी घबराते हैं। मुख्यमंत्री ने विपक्ष को सलाह देते हुए कहा कि श्रीराम जी का नाम लेते रहिए, जीवन अच्छे से पार होगा, श्री राम जी दयालु हैं, सबका भला करते हैं, आपका भी भला करेंगे। मुख्यमंत्री ने तुलसीदास जी की चौपाई ‘राम एक तापस तिय तारी.........नाम कोटि खल कुमति सुधारी।’ का उल्लेख किया।
कांग्रेस सरकार के कार्यकाल पर तंज
मुख्यमंत्री ने पूर्व सरकार के दौरान राजनीतिक खींचतान को याद करते हुए कहा कि कुर्सी बचाने के लिए पुलिस तक को पहरे पर लगाया गया। उन्होंने कांग्रेस की चुनौती को स्वीकार करते हुए कहा कि भाजपा के दो वर्ष कांग्रेस के पांच साल पर भारी हैं।
उन्होंने कविता पढ़ते हुए कहा—
“जो हर बात पर फड़फड़ाते बहुत हैं,
सफर में वही लड़खड़ाते बहुत हैं…”
युवाओं के मुद्दे पर कड़ा वार
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार में युवाओं के साथ बड़े पैमाने पर अन्याय हुआ। उन्होंने कहा कि तब पहचान पहले और मेहनत बाद में देखी जाती थी। पेपर लीक और गड़बड़ी के चलते गरीब और मेहनती युवा लाइन में ही खड़े रह जाते थे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा जब सत्ता हाथ में थी, तब मुंह में माखन था......अब बाहर आए तो ज्ञान की मटकी फोड़ दी’
मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि युवाओं को भाषण नहीं, बल्कि निष्पक्ष परीक्षा और बराबरी का मौका चाहिए।
अंत में उन्होंने कहा—
“हमने उम्मीदों को फिर से पंख दिए हैं,
आज मेहनती युवाओं का सपना साकार हो रहा है।”