राजस्थान बजट से पहले टीकाराम जूली का हमला, बोले- आंकड़ों का मायाजाल है भाजपा का बजट

राजस्थान बजट 2026 से पहले नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भाजपा सरकार को घेरते हुए पुराने वादों की पोल खोली।

Feb 11, 2026 - 09:03
राजस्थान बजट से पहले टीकाराम जूली का हमला, बोले- आंकड़ों का मायाजाल है भाजपा का बजट

राजस्थान विधानसभा में आजवित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया जाना है। वित्त मंत्री दिया कुमारी राज्य का बजट प्रस्तुत करेंगी। लेकिन बजट से पहले ही सियासी माहौल गरमा गया है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भजनलाल सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए इसे “आंकड़ों का मायाजाल” करार दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा का बजट विकास का दस्तावेज नहीं, बल्कि पिछली विफलताओं को छिपाने का जरिया होगा।

एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए टीकाराम जूली ने सरकार के पिछले वादों का रियलिटी चेक पेश किया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पुरानी बजट घोषणाओं का धरातल पर कोई अस्तित्व नहीं है, तो नए बजट का क्या मतलब है। जूली ने सरकार को “विकास विरोधी और हेडलाइन प्रेमी” बताते हुए कहा कि जमीनी स्तर पर हालात चिंताजनक हैं।

नेता प्रतिपक्ष ने आंकड़ों के साथ सरकार को घेरते हुए बताया कि पिछले बजट में कुल 2717 घोषणाएं की गई थीं। इनमें से केवल 754 कार्य ही पूरे हो पाए हैं। सबसे गंभीर बात यह है कि 707 घोषणाएं, यानी करीब 26 प्रतिशत काम ऐसे हैं, जिन्हें दो साल बीतने के बावजूद शुरू तक नहीं किया गया। जूली ने कहा कि विज्ञापन और दावों का शोर बहुत है, लेकिन धरातल पर काम नजर नहीं आता।

सरकार की प्रशासनिक सुस्ती पर हमला करते हुए जूली ने कहा कि मुख्यमंत्री की नाक के नीचे ही विकास का पहिया जाम है। उन्होंने जयपुर के सिविल लाइन्स फ्लाईओवर का उदाहरण दिया, जो आज भी अधूरा है, जबकि इसी रास्ते से मुख्यमंत्री का काफिला रोज गुजरता है। सहकार मार्ग फ्लाईओवर को लेकर की गई घोषणा को भी उन्होंने “कागजी पुल” बताया।

टीकाराम जूली ने बाड़मेर रिफाइनरी परियोजना को लेकर कहा कि भाजपा ने इसे “बीरबल की खिचड़ी” बना दिया है। पहले दिसंबर 2024 की डेडलाइन तय की गई, फिर इसे अगस्त 2025 तक बढ़ाया गया, लेकिन फरवरी 2026 तक भी लोकार्पण का कोई संकेत नहीं है। वहीं, 2024 में प्रदेश को 1000 इलेक्ट्रिक बसें देने का वादा किया गया था, लेकिन दो साल बाद भी एक भी नई बस सड़कों पर नहीं उतरी। जनता आज भी पुरानी और प्रदूषण फैलाने वाली बसों में सफर करने को मजबूर है।अंत में जूली ने दोहराया कि आने वाला बजट प्रदेश के विकास की दिशा तय करने वाला नहीं, बल्कि भाजपा सरकार की नाकामियों को छिपाने का “आंकड़ों वाला पर्दा” साबित होगा।