राजस्थान में जनगणना-2027 की तैयारी तेज, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दिए अहम निर्देश
राजस्थान में जनगणना-2027 का पहला चरण 16 मई से शुरू, डिजिटल तकनीक और स्वगणना पर मुख्यमंत्री का जोर
राजस्थान में जनगणना-2027 को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसी क्रम में शनिवार को मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने जनगणना-2027 के लिए वर्चुअली आयोजित राज्य स्तरीय प्रशिक्षण सम्मेलन को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनगणना के सटीक आंकड़े ही विकास योजनाओं की मजबूत नींव होते हैं, इसलिए इसे राष्ट्रीय कर्तव्य मानकर पूरी निष्ठा और ईमानदारी से पूरा किया जाना चाहिए
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि राजस्थान में जनगणना का पहला चरण 16 मई से 14 जून तक चलेगा। इस चरण में मकानों का सूचीकरण और मकानों की गणना का कार्य किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इससे पहले 1 मई से 15 मई 2026 तक नागरिकों को पहली बार स्वगणना का विकल्प भी मिलेगा, जिससे लोग स्वयं अपनी जानकारी डिजिटल माध्यम से दर्ज कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि जनगणना के आंकड़ों के आधार पर ही केंद्र और राज्य सरकारें जनकल्याणकारी योजनाएं बनाती हैं और उनका प्रभावी क्रियान्वयन करती हैं। सही आंकड़ों से गांव और शहरों में बिजली, पानी, सड़क, शौचालय, स्कूल, अस्पताल, गैस कनेक्शन जैसी सुविधाओं की वास्तविक स्थिति और जरूरतों का आकलन संभव हो पाता है। यदि आंकड़े गलत होंगे तो योजनाएं भी प्रभावी नहीं बन पाएंगी।
मुख्यमंत्री ने जनगणना को संवैधानिक दायित्व बताते हुए कहा कि यह देश के विकास की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाती है। उन्होंने यह भी कहा कि निर्वाचन क्षेत्रों का परिसीमन, संसाधनों का उचित बंटवारा और केंद्र से मिलने वाले अनुदान भी जनगणना आंकड़ों पर आधारित होते हैं।
इस बार जनगणना में डिजिटल तकनीक का व्यापक उपयोग किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी कार्मिकों को गुणवत्तापूर्ण और गहन प्रशिक्षण दिया जाए, ताकि पारदर्शी और त्रुटिरहित डेटा संग्रह किया जा सके। साथ ही आमजन को भी जागरूक कर जनगणना में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने राजस्थान की भौगोलिक परिस्थितियों और गर्मी के मौसम को देखते हुए कार्मिकों के प्रति संवेदनशीलता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने संतुलित कार्यभार, नियमित समीक्षा और कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने को कहा। इस वर्चुअल सम्मेलन में मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास, भारत सरकार के महा रजिस्ट्रार श्री मृत्युंजय कुमार नारायण सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।