भोजासर में 13 दिन से डटे किसान, सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल बोले– प्रशासन कंपनियों का मुनीम नहीं बने
राजस्थान के बायतु उपखंड के भोजासर गांव में हाईटेंशन ट्रांसमिशन लाइनों के लिए भूमि अधिग्रहण के विरोध में किसान पिछले 13 दिनों से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। मंगलवार को सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल धरनास्थल पर पहुंचे और किसानों की मांगों को न्यायसंगत बताते हुए पूर्ण समर्थन दिया
बायतु: बाड़मेर जिले के बायतु उपखंड क्षेत्र के भोजासर में हाईटेंशन ट्रांसमिशन लाइनों के लिए अवाप्त की जा रही भूमि के उचित एवं न्यायसंगत मुआवजे की मांग को लेकर किसानों का अनिश्चितकालीन धरना पिछले 13 दिनों से जारी है। मंगलवार शाम को सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल धरनास्थल पर पहुँचे और किसानों के साथ संवाद किया।
इस दौरान जिला प्रमुख महेंद्र चौधरी, बाड़मेर कांग्रेस जिलाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह गोदारा सहित जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
सांसद बेनीवाल ने धरने पर बैठे किसानों को संबोधित करते हुए उनकी मांगों को जायज एवं न्यायसंगत बताते हुए पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनियां किसानों की सहमति के बिना उनके खेतों एवं आवासीय क्षेत्रों के ऊपर से 400 केवी एवं 765 केवी की उच्च क्षमता वाली ट्रांसमिशन लाइनों का कार्य कर रही हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है। सांसद ने कहा कि प्रभावित किसानों को न तो पूर्ण एवं समान मुआवजा दिया गया है और न ही मुआवजा निर्धारण की प्रक्रिया में पारदर्शिता अपनाई गई है। उन्होंने प्रशासन पर कंपनियों के साथ मिलीभगत कर किसानों पर दबाव बनाने एवं भय का वातावरण निर्मित करने का आरोप लगाते हुए इसे अनुचित बताया।
बेनीवाल ने किसानों को आश्वस्त किया कि हाईटेंशन ट्रांसमिशन लाइनों से संबंधित मुद्दों एवं किसानों की मांगों को लेकर केंद्र एवं राज्य सरकार के ऊर्जा मंत्रालय के अधिकारियों से व्यक्तिगत मुलाकात एवं दूरभाष पर वार्ता की गई है। उन्होंने कहा कि किसानों को भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है और लोकतांत्रिक संघर्ष के माध्यम से सहमति बनाकर न्याय सुनिश्चित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि बालोतरा एवं बाड़मेर जिलों में किसान लंबे समय से शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रख रहे हैं, लेकिन जिला प्रशासन द्वारा समस्याओं की सम्मानजनक एवं संवेदनशील सुनवाई नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है। सांसद ने प्रशासन से अपेक्षा जताई कि वह निष्पक्ष एवं संवेदनशील रवैया अपनाते हुए किसानों की जायज मांगों पर शीघ्र निर्णय करे, अन्यथा व्यापक आंदोलन की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
धरनास्थल पर जिला प्रमुख महेंद्र चौधरी ने किसानों ने भी संबोधित करते हुए कहा कि ट्रांसमिशन लाइनों के कारण उनकी जमीन, आजीविका एवं भविष्य प्रभावित हो रहा है। इसलिए मुआवजा नीति में समानता, पारदर्शिता एवं सहमति आधारित कार्यवाही होनी चाहिए।
बाड़मेर कांग्रेस जिलाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह गोदारा ने कहा किसानों के धैर्य, एकजुटता एवं शांतिपूर्ण संघर्ष की सराहना करते हुए हर स्तर पर उनके साथ खड़े रहने का भरोसा दिलाया।
किसान संघर्ष समिति के युवा नेता जालाराम पलीवाल ने कहा प्रशासन किसानों के धैर्य की परीक्षा ले रहा हैं उनका रवैया उचित नहीं हैं जब तक न्यायसंगत मुआवजे की मांग पर बात नहीं बनेगी तब तक धरना जारी रहेगा और जरूरत पड़ने पर बड़ा उग्र आंदोलन करेंगेI
इस दौरान धरनास्थल पर जोगाराम मूंढ, एनएसयूआई पूर्व जिलाध्यक्ष भूराराम सारण, शेर सिंह बेनीवाल, अशोक काकड़, कुम्भसिंह सऊ, खेमराज धतरवाल सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहेI