कैसे हुई थी साध्वी प्रेम बाईसा की मौत ? पुलिस ने किया बड़ा खुलासा
जोधपुर की सुप्रसिद्ध कथावाचिका और साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट और FSL रिपोर्ट आने के बाद डॉक्टर्स के ओपिनियन के बाद आखिरकार 18 बाद साध्वी की मौत को लेकर सब कुछ स्पष्ट कर दिया है।
जोधपुर की सुप्रसिद्ध कथावाचिका और साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट और FSL रिपोर्ट आने के बाद डॉक्टर्स के ओपिनियन के बाद आखिरकार 18 बाद साध्वी की मौत को कार्डियक अरेस्ट बताया है।
जोधपुर डिविजनल कमिश्नर ओमप्रकाश पासवान ने प्रेसवार्ता कर बताया कि साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने करीब 44 लोगों से पूछताछ कर 106 मोबाइल की सीडीआर भी खंगाली। पुलिस ने FSL के लिए 37 अलग अलग नमूने भी लिए थे। लेकिन, उनके साथ किसी घटना या जहर देने जैसी किसी बात की पुष्टि नहीं हुईं
FSL रिपोर्ट आने के बाद पोस्टमार्टम करने वाली डॉक्टर्स की टीम को FSL रिपोर्ट सौंपी गई थी। पोस्टमार्टम और FSL रिपोर्ट के बाद डॉक्टर्स की ओपिनियन में यह सामने आया है कि "साध्वी प्रेम बाईसा को अस्थमा और फेफड़े संबंधित बीमारी थी। ऐसे में अस्थमा कार्डियक अरेस्ट से उनकी मौत हुई है।"
दोपहर में बिगड़ी तबीयत, शाम को हुई मौत
आपको बता दें कि जोधपुर के आरती नगर स्थित आश्रम में दोपहर को साध्वी प्रेम बाईसा की तबीयत बिगड़ गई थी। ऐसे में देवीसिंह राजपुरोहित नाम के कंपाउंडर को बुलाया गया था। कंपाउंडर द्वारा साध्वी को इंजेक्शन देने की बात सामने आई थी। बताया गया था कि इंजेक्शन लगाने के बाद साध्वी की तबीयत बिगड़ गई और जोधपुर के पाल रोड़ स्थित प्रेक्षा हॉस्पिटल में इलाज के दौरान शाम साढ़े 5 बजे डॉक्टर्स ने साध्वी प्रेम बाईसा को मृत घोषित कर दिया था।
ये उठे थे सवाल
साध्वी प्रेम बाईसा की मौत के बाद तरह तरह के सवाल उठ रहे थे।
• मौत के 4 घंटे बाद साध्वी के इंस्टाग्राम अकाउंट से "न्याय की गुहार" लगाई जाने वाली पोस्ट
• साध्वी के पिता विरमनाथ द्वारा निजी वाहन से साध्वी की पार्थिव देह आश्रम की ओर ले जाना
• पोस्टमार्टम करवाने में आनाकानी करना
• साध्वी के मोबाइल के पासवर्ड ना बताने का आरोप
• रात के समय में सोशल मीडिया हैंडलर से पासवर्ड पूछने का आरोप
इस तरह के तमाम सवालों से साध्वी की संदिग्ध मौत को लोग हत्या मानने लगे। यही कुछ सवाल थे। जिसके कारण साध्वी की मौत के बाद लोग निष्पक्ष जांच की मांग करने लगे। हालांकि, FSL और विसरा जांच में ऐसा कुछ सामने नहीं आया। जिससे ये लगी कि साध्वी की मौत एक हत्या थी। आखिरकार साध्वी प्रेम बाईसा की मौत के 18 दिन बीत जाने के बाद पुलिस बड़ा खुलासा करते हुए तमाम सवालों पर प्रतिबंध लगा दिया है।