डिजिटल जनगणना 2026 में झूठ बोला तो 3 साल की सजा,सरकार का सख्त ऐलान
पहली बार डिजिटल जनगणना सही जानकारी देना अनिवार्य,वरना होगी 3 साल की सजा।
डिजिटल जनगणना 2026 हर जानकारी देना अनिवार्य,गलत सूचना पर हो सकती है जेल
जयपुर ~ देश की विकास योजनाओं को नई दिशा देने के लिए अब डिजिटल जनगणना का शंखनाद हो चुका है इस बार की जनगणना पिछले अनुभवों से बिल्कुल अलग और आधुनिक होगी सरकार ने स्पष्ट किया है कि जनगणना में भाग लेना न केवल एक नागरिक कर्तव्य है, बल्कि कानूनी रूप से अनिवार्य भी है यदि कोई व्यक्ति जानकारी देने से कतराता है या जानबूझकर गलत तथ्य पेश करता है,तो जनगणना अधिनियम के तहत उसे 3 साल तक की जेल या आर्थिक दंड भुगतना पड़ सकता है।
दो चरणों में जुटेगा डेटा,मोबाइल एप से होगी निगरानी
इस महाभियान को सुचारू रूप से चलाने के लिए सरकार ने दो चरणों की रूपरेखा तैयार की है पहला चरण 1 अप्रैल 2026 से 30 सितंबर 2026 तक चलेगा,जिसमें मुख्य रूप से मकानों की स्थिति और बुनियादी सुविधाओं जैसे पानी,बिजली और शौचालय से जुड़े 33 सवाल पूछे जाएंगे। इसके बाद,फरवरी 2027 से शुरू होने वाले दूसरे चरण में व्यक्तिगत विवरण जैसे नाम,उम्र,धर्म और जाति का डेटा दर्ज किया जाएगा। खास बात यह है कि इस बार प्रगणक कागज-कलम के बजाय मोबाइल एप का इस्तेमाल करेंगे,जिससे डेटा रियल टाइम में अपडेट होगा।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम और प्रगणकों की पहचान
आम जनता की निजता का ख्याल रखते हुए सरकार ने डेटा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं आपकी व्यक्तिगत जानकारी किसी भी निजी संस्था के साथ साझा नहीं की जाएगी डेटा को सुरक्षित रखने के लिए बेंगलुरु,लखनऊ और नई दिल्ली में विशेष डेटा सेंटर बनाए गए हैं फील्ड पर तैनात प्रगणकों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए उन्हें तहसीलदार द्वारा जारी विशेष आईडी कार्ड दिए जाएंगे हर 1000 व्यक्तियों पर एक सरकारी कर्मचारी की तैनाती की गई है,ताकि गणना का काम बिना किसी त्रुटि के समय पर पूरा हो सके।