जोधपुर साध्वी प्रेम बाईसा मौत केस: FSL रिपोर्ट में जहर से मौत की आशंका खारिज

जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा मौत केस में FSL रिपोर्ट साफ, जहर से मौत नहीं, अब मेडिकल बोर्ड की अंतिम राय का इंतजार

Feb 13, 2026 - 09:10
जोधपुर साध्वी प्रेम बाईसा मौत केस: FSL रिपोर्ट में जहर से मौत की आशंका खारिज

राजस्थान के जोधपुर जिले से जुड़ा साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत का मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। अब इस केस में फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की रिपोर्ट सामने आ गई है, जिसने कई अटकलों पर विराम लगा दिया है। रिपोर्ट के अनुसार साध्वी की मौत जहर से नहीं हुई थी। हालांकि, अंतिम निष्कर्ष मेडिकल बोर्ड की राय के बाद ही सामने आएगा।

28 जनवरी को पाल गांव स्थित आश्रम में साध्वी प्रेम बाईसा की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। आश्रम में मौजूद लोगों ने तुरंत उन्हें अस्पताल ले जाने की कोशिश की, लेकिन रास्ते में ही उनका निधन हो गया। घटना के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाया और विसरा जांच के लिए भेजा गया।

करीब 11 दिनों के इंतजार के बाद आई FSL रिपोर्ट में किसी भी प्रकार के जहर या विषैले पदार्थ की पुष्टि नहीं हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक शरीर में कोई भी ऐसा तत्व नहीं मिला, जिससे यह कहा जा सके कि मौत किसी अप्राकृतिक कारण से हुई है। इससे पहले जहर दिए जाने की आशंका जताई जा रही थी, लेकिन अब यह संभावना कमजोर पड़ गई है।

मामले की निष्पक्ष जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) ने आश्रम के सीसीटीवी फुटेज, वहां मौजूद लोगों के बयान और अन्य सबूतों की गहन जांच की। प्रारंभिक जांच में किसी बाहरी हस्तक्षेप या साजिश के संकेत नहीं मिले हैं। अब FSL रिपोर्ट आने के बाद मेडिकल बोर्ड पोस्टमार्टम और विसरा रिपोर्ट के आधार पर अपनी अंतिम राय देगा।

बालोतरा जिले के परेऊ गांव से ताल्लुक रखने वाली प्रेम बाईसा ने कम उम्र में ही आध्यात्मिक मार्ग अपनाया था। बचपन से ही भजन और कथा वाचन में उनकी रुचि रही। बाद में उन्होंने जोधपुर के पाल रोड पर ‘साधना कुटीर’ आश्रम की स्थापना की, जिसके उद्घाटन में योग गुरु बाबा रामदेव भी शामिल हुए थे। उनकी सरल वाणी और भजनों ने उन्हें सोशल मीडिया पर भी लोकप्रिय बना दिया।

जुलाई 2025 में वायरल हुए एक वीडियो के बाद वे विवादों में आ गई थीं। समर्थकों का मानना है कि इस घटना से वे मानसिक दबाव में थीं। उनकी मौत के बाद इंस्टाग्राम पर किया गया आखिरी पोस्ट और सांसद हनुमान बेनीवाल द्वारा निष्पक्ष जांच की मांग ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है। फिलहाल FSL रिपोर्ट से जहर की आशंका खत्म हो चुकी है, लेकिन अंतिम सच मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगा। तब तक यह मामला जांच एजेंसियों और आम लोगों की नजरों में बना रहेगा।