वंडर सीमेंट प्लांट में मजदूरों का बवाल, तोड़फोड़ के बाद 4 थानों की पुलिस तैनात
जैसलमेर के वंडर सीमेंट प्लांट में मजदूरों का उग्र प्रदर्शन, पुलिस को पीछे हटना पड़ा, हालात काबू में।
जैसलमेर जिले के रामगढ़ थाना क्षेत्र में स्थित वंडर सीमेंट प्लांट मे आज हालात बेकाबू हो गए, जब मजदूरों और प्लांट प्रबंधन के बीच विवाद हिंसा में बदल गया। मजदूरों ने जमकर तोड़फोड़ की और अधिकारियों व पुलिस कर्मियों के साथ मारपीट की। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि पुलिस को पीछे हटना पड़ा और बाद में चार थानों की फोर्स बुलानी पड़ी। घटना जैसलमेर जिला मुख्यालय से करीब 45 किलोमीटर दूर पारेवर गांव की है। रामगढ़ थाना प्रभारी भुट्टा राम विश्नोई के अनुसार, बुधवार सुबह करीब 9 बजे सुपरवाइजर रोहित ने एक मजदूर को साइट पर जाने से रोका। बताया जा रहा है कि मजदूर पंजाब का रहने वाला है। उसने सुपरवाइजर की बात मानने से इनकार कर दिया। जब रोहित ने सख्ती दिखाई तो दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई।
आरोप है कि विवाद के दौरान सुपरवाइजर ने मजदूर को थप्पड़ मार दिया। इसके बाद वहां मौजूद अन्य मजदूर भड़क गए। देखते ही देखते मजदूरों की संख्या बढ़ गई और मामला पूरी तरह से नियंत्रण से बाहर हो गया। मजदूरों ने सुपरवाइजर रोहित को दौड़ा लिया। वह किसी तरह अपनी गाड़ी लेकर मौके से भाग निकला। सुपरवाइजर के भागने के बाद मजदूरों का गुस्सा प्लांट और वहां मौजूद स्टाफ पर टूट पड़ा। जो भी अधिकारी या कर्मचारी मिला, उसके साथ मारपीट की गई। गार्ड के केबिन, खिड़कियों के शीशे, दरवाजे और महंगी मशीनों को नुकसान पहुंचाया गया। कई अधिकारी जान बचाने के लिए इधर-उधर छुपते नजर आए।
सूचना मिलने पर रामगढ़ थाने की पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन मजदूरों की भीड़ के आगे पुलिस की एक न चली। लाठी-डंडे लिए मजदूरों ने पुलिसकर्मियों को भी दौड़ा लिया। हालात बिगड़ते देख पुलिस को सुरक्षा कारणों से पीछे हटना पड़ा। स्थिति को काबू में करने के लिए सदर थाना, सम थाना, रामगढ़ और कोतवाली थानों से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। चार थानों की फोर्स के पहुंचने के बाद हालात कुछ हद तक शांत हुए। फिलहाल बड़ी संख्या में पुलिस जवान मौके पर तैनात हैं और स्थिति पर नजर रखी जा रही है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।