जैसलमेर में इंटरनेशनल डेजर्ट फेस्टिवल 2026 का भव्य आगाज, बीट्स ऑफ द थार थीम छाई

जैसलमेर में शुरू हुआ इंटरनेशनल डेजर्ट फेस्टिवल 2026, लोक नृत्य, शोभायात्रा और बीट्स ऑफ द थार थीम ने मोहा मन

Jan 30, 2026 - 13:06
जैसलमेर में इंटरनेशनल डेजर्ट फेस्टिवल 2026 का भव्य आगाज, बीट्स ऑफ द थार थीम छाई

राजस्थान की समृद्ध लोक संस्कृति, परंपराओं और मरुस्थलीय विरासत को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने वाला इंटरनेशनल डेजर्ट फेस्टिवल-2026 गुरुवार (30 जनवरी) को जैसलमेर में पूरे वैभव के साथ शुरू हो गया। पर्यटन का महाकुंभ कहे जाने वाले इस मरु महोत्सव की शुरुआत सोनार दुर्ग स्थित नगर सेठ भगवान लक्ष्मीनाथ के मंदिर में पूजा-अर्चना और आरती के साथ हुई। तीन दिवसीय इस फेस्टिवल की थीम इस वर्ष “बीट्स ऑफ द थार” रखी गई है, जो मरुस्थल की लय, लोक संगीत और सांस्कृतिक धड़कन को दर्शाती है।

लक्ष्मीनाथ मंदिर से हुई शुभ शुरुआत

महोत्सव के पहले दिन सुबह सोनार दुर्ग में स्थित लक्ष्मीनाथ मंदिर में विधिवत पूजा की गई। इस दौरान जैसलमेर के पूर्व राजपरिवार के सदस्य चैतन्यराज सिंह ने भगवान लक्ष्मीनाथ का पूजन किया। मंदिर परिसर में प्रशासनिक अधिकारी, स्थानीय व्यवसायी, लोक कलाकारों के साथ-साथ देशी और विदेशी पर्यटक भी मौजूद रहे। पारंपरिक वेशभूषा और लोक वाद्यों की मधुर ध्वनि ने माहौल को उत्सवमय बना दिया।

स्वर्णनगरी पर्यटन रंगों में सराबोर

मरु महोत्सव के आगाज के साथ ही स्वर्णनगरी जैसलमेर पूरी तरह पर्यटन रंगों में रंगी नजर आई। शहर की गलियां, बाजार और ऐतिहासिक स्थल सैलानियों की चहल-पहल से गुलजार हो गए। होटल, रिसॉर्ट और पर्यटन स्थलों पर रौनक देखने को मिली। स्थानीय लोगों में भी उत्साह का माहौल रहा और हर कोई इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन का हिस्सा बनता दिखा।

गडीसर सरोवर से निकली ऐतिहासिक शोभायात्रा

महोत्सव के तहत ऐतिहासिक गडीसर सरोवर से भव्य शोभायात्रा निकाली गई। यह यात्रा गुलास्तला रोड, आसनी रोड, सालम सिंह हवेली और शहर की हृदय स्थली गोपा चौक से होती हुई मुख्य बाजार और गांधी चौक से गुजरकर शहीद पूनम सिंह स्टेडियम पहुंची।शोभायात्रा में बीएसएफ के सजे-धजे ऊंट और उन पर सवार जवान आकर्षण का केंद्र रहे। केमल माउंटेड बैंड के वादकों ने देशभक्ति और लोक धुनों की प्रस्तुति दी। मंगल कलश लिए बालिकाएं, पारंपरिक वेशभूषा में लोक कलाकारों का कारवां और रंग-बिरंगे झांकियों ने शहरवासियों और पर्यटकों का मन मोह लिया।

लोक नृत्य और वाद्यों से गूंजा शहर

महोत्सव के पहले दिन लोक कला की शानदार झलक देखने को मिली। आंगी गैर नृत्य की प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं, कच्छी घोड़ी नृत्य ने पूरे माहौल को संगीतमय बना दिया। शोभायात्रा के दौरान लोक नृत्यों और पारंपरिक वाद्यों की लय-ताल पर थिरकते कलाकारों ने राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत कर दिया। पर्यटक इस दृश्य को अपने कैमरों में कैद करते नजर आए।

सुरक्षा और यातायात के पुख्ता इंतजाम

इंटरनेशनल डेजर्ट फेस्टिवल को लेकर सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए हैं। रेंज स्तर से पुलिस का अतिरिक्त जाब्ता तैनात किया गया है। शोभायात्रा के पूरे मार्ग पर जगह-जगह पुलिस के जवान नजर आए।यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए ट्रैफिक पुलिस सतर्क रही। नगर परिषद के सहयोग से पार्किंग के अलग-अलग इंतजाम किए गए, ताकि सैलानियों और स्थानीय लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

आने वाले दिनों में और रंगीन होगा उत्सव

तीन दिन तक चलने वाले इस मरु महोत्सव में आगे भी लोक संगीत, नृत्य, सांस्कृतिक कार्यक्रम और पारंपरिक प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। ‘बीट्स ऑफ द थार’ थीम पर आधारित यह फेस्टिवल न सिर्फ राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित कर रहा है, बल्कि जैसलमेर को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर और मजबूती से स्थापित कर रहा है।