राजस्थान बजट 2026 पर हरीश चौधरी का हमला, थार की अनदेखी का आरोप
राजस्थान बजट 2026 पर हरीश चौधरी ने उठाए सवाल, कहा- थार क्षेत्र में पानी, रोजगार और पर्यावरण की अनदेखी
राजस्थान विधानसभा में पेश हुए बजट 2026 को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। बायतु विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री हरीश चौधरी ने इस बजट को पश्चिमी राजस्थान और विशेष रूप से थार क्षेत्र की अपेक्षाओं पर खरा न उतरने वाला बताया है। उन्होंने कहा कि बजट में बड़ी घोषणाएं तो हैं, लेकिन जमीनी समस्याओं के समाधान के लिए ठोस, समयबद्ध और स्पष्ट कार्ययोजना नजर नहीं आती।
हरीश चौधरी ने कहा कि थार क्षेत्र लंबे समय से जल संकट से जूझ रहा है। बाड़मेर और सीमावर्ती इलाकों में सिंचाई और पेयजल की गंभीर समस्या बनी हुई है। इसके बावजूद बजट में इन क्षेत्रों के लिए किसी विशेष जल पैकेज या स्थायी समाधान का स्पष्ट रोडमैप पेश नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि केवल योजनाओं की घोषणा से समस्या हल नहीं होगी, बल्कि क्रियान्वयन की स्पष्ट रणनीति जरूरी है।
उन्होंने बजट में रोजगार के प्रावधानों पर भी सवाल उठाए। चौधरी ने कहा कि युवाओं से “नौकरी देने वाला बनने” की अपेक्षा तो की जा रही है, लेकिन नई सरकारी भर्तियों, बेरोजगारों के लिए राहत योजनाओं और स्थानीय स्तर पर उद्योग स्थापित करने की ठोस नीति दिखाई नहीं देती। थार क्षेत्र का युवा आज भी रोजगार और अवसरों की तलाश में है, लेकिन बजट में उसकी उम्मीदों को मजबूती नहीं मिली।
पर्यावरण के मुद्दे पर बोलते हुए हरीश चौधरी ने कहा कि खेजड़ी बचाओ आंदोलन, अरावली संरक्षण और ओरण भूमि की रक्षा आज जनआंदोलन बन चुके हैं। इसके बावजूद बजट में पर्यावरण संरक्षण को लेकर कोई स्पष्ट नीति या कानूनी प्रतिबद्धता सामने नहीं आई। उन्होंने कहा कि निवेश और भूमि आवंटन के साथ यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि स्थानीय संसाधनों और पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे।
चौधरी ने यह भी मांग की कि पूर्व बजट घोषणाओं की प्रगति रिपोर्ट और किए गए व्यय का विवरण सार्वजनिक किया जाए। इससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी और जनता को यह पता चलेगा कि घोषणाओं का वास्तविक लाभ कहां तक पहुंचा। अंत में हरीश चौधरी ने कहा कि जनता को केवल घोषणाएं नहीं, बल्कि ठोस परिणाम चाहिए। थार क्षेत्र आज पानी, रोजगार और पर्यावरण सुरक्षा को लेकर स्पष्ट निर्णयों की अपेक्षा कर रहा है।