बाड़मेर में मिलावट का खेल टीना डाबी के निर्देश पर भारी एक्शन,नामी दुकानों के सैंपल फेल
बाड़मेर में शुद्ध आहार अभियान के तहत घी,मिठाई और मिर्च के सैंपल लैब टेस्ट में फेल जानें किन नामी दुकानों पर गिरी गाज और आपकी सेहत पर इसका क्या होगा असर
आमजन की सेहत से खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों पर प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है जिले में चलाए जा रहे 'शुद्ध आहार मिलावट पर वार' अभियान के तहत खाद्य विभाग की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं विभाग द्वारा विभिन्न दुकानों से लिए गए मिठाई, दूध,दही,घी और लाल मिर्च पाउडर के सैंपल लैब टेस्ट में फेल पाए गए हैं रिपोर्ट में इन खाद्य पदार्थों को अमानक और मिलावटी घोषित किया गया है,जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने दोषी फर्मों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
यह पूरी कार्रवाई खाद्य सुरक्षा आयुक्त टी. शुभ मंगला और जिला कलेक्टर टीना डाबी के दिशा-निर्देशों पर की गई खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजेश कुमार जांगिड़ ने पिछले दिनों धोरीमन्ना,सेड़वा और बाड़मेर शहर के विभिन्न प्रतिष्ठानों पर छापेमारी कर नमूने लिए थे इनमें जनता जोधपुर स्वीट्स की मावा बर्फी,श्री मां भवानी बीकानेर स्वीट होम का मिल्क केक और रामदेव भोजनालय का दही मिलावटी पाया गया साथ ही,कमलेश डेयरी का दूध,सुनील कुमार माहेश्वरी की लाल मिर्च और महावीर सेल्स कॉरपोरेशन के 'वास्तु' व 'सोनेरी' ब्रांड के घी के नमूने भी जांच में फेल रहे।
लैब रिपोर्ट में मिलावट की पुष्टि अब जुर्माना और कोर्ट की बारी
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. विष्णुराम बिश्नोई ने बताया कि राज्य खाद्य प्रयोगशाला की रिपोर्ट में इन सभी सैंपलों में मिलावट की पुष्टि हुई है जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने अदालत में पेश कर दिया है अब खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत इन फर्मों पर भारी जुर्माना या अन्य दंडात्मक कार्रवाई कोर्ट द्वारा तय की जाएगी। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के मिलावटी उत्पादों का सेवन शरीर के लिए बेहद घातक है पेट और त्वचा को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं। प्रशासन की इस सख्ती से स्थानीय व्यापारियों में हड़कंप है,वहीं आम जनता ने इसे स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में एक जरूरी कदम बताया है।