ओरण बचाओ पदयात्रा में विधायक रविंद्र सिंह भाटी का अनोखा समर्थन, बदली आंदोलन की दिशा
ओरण बचाओ पदयात्रा में विधायक रविंद्र सिंह भाटी पैदल उतरे, जनसंघर्ष को मिला नया संबल और विश्वास
राजस्थान में ओरण और गोचर भूमि संरक्षण को लेकर चल रही “ओरण बचाओ पदयात्रा” को उस समय नई दिशा मिली, जब शिव से विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने पदयात्रियों के साथ पैदल चलकर अपना समर्थन जताया। बालेसर की धरती पर उनका यह कदम केवल राजनीतिक उपस्थिति नहीं, बल्कि जनसंघर्ष के साथ खड़े होने का स्पष्ट संदेश माना जा रहा है।
यह पदयात्रा बीते 22 दिनों से लगातार जारी है। विधायक भाटी ने कुछ किलोमीटर तक पदयात्रियों के साथ चलकर स्थानीय लोगों का उत्साह बढ़ाया। बालेसर स्थित चामुंडा माता मंदिर परिसर में पदयात्रियों के साथ रात्रि विश्राम कर उन्होंने यह संकेत दिया कि यह समर्थन औपचारिक नहीं, बल्कि संवेदनशील और प्रतिबद्ध है।
“ओरण बचाओ पदयात्रा” की शुरुआत जैसलमेर स्थित तनोट माता मंदिर से हुई थी। आस्था के इस केंद्र से निकलकर यात्रा बालेसर पहुंची। इस यात्रा का उद्देश्य ओरण भूमि के संरक्षण के प्रति जनचेतना बढ़ाना है—वह भूमि जो सदियों से गांवों की सामूहिक आस्था, पर्यावरण और पशुपालन की रीढ़ रही है।
पदयात्रा का सबसे भावनात्मक दृश्य तब सामने आया, जब विधायक भाटी ने पर्यावरण प्रेमी सुमेर सिंह सांवता को अपने कंधों पर बैठाकर आगे बढ़ने का प्रतीकात्मक कदम उठाया। आमतौर पर राजनीति में जनता नेताओं को कंधों पर उठाती है, लेकिन यहां जनप्रतिनिधि ने नागरिक को कंधों पर बैठाकर यह संदेश दिया कि यह आंदोलन जनता का है और नेतृत्व उसके साथ है।
विधायक भाटी पहले भी विधानसभा और जनआंदोलनों में ओरण-गोचर संरक्षण की मांग उठाते रहे हैं। बालेसर की पदयात्रा में उनकी सक्रिय भागीदारी ने यह स्पष्ट कर दिया कि उनका संघर्ष भाषणों तक सीमित नहीं है। इस समर्थन से पदयात्रियों और ग्रामीणों में नई ऊर्जा का संचार हुआ है। उनका विश्वास है कि जब जनप्रतिनिधि कंधे से कंधा मिलाकर साथ चलता है, तो उनकी आवाज़ और अधिक मजबूती से सरकार तक पहुंचती है।