ट्रेन में छूट गए लाखों के जेवरात : लूणी जीआरपी की तत्परता से यात्री को मिला बैग, 8-9 लाख के आभूषण सुरक्षित लौटाए

ट्रेन (14707 राणकपुर एक्सप्रेस) में जोधपुर यात्रा के दौरान एक यात्री (विक्की तेजी और पत्नी प्रियंका) का काला बैग छूट गया, जिसमें **8-9 लाख रुपये** मूल्य के कीमती जेवरात थे। यात्रियों ने तुरंत **139** हेल्पलाइन पर सूचना दी। लूणी जीआरपी (एएसआई कंचन राठौड़ और हैड कॉन्स्टेबल कविता बिश्नोई) ने ट्रेन के लूणी स्टेशन पहुंचने पर बैग बरामद किया, जांच की और सुरक्षित रखा। बाद में यात्री को सूचित कर बैग और जेवरात फोटोग्राफी व पूरी तस्दीक के बाद वापस सौंप दिए गए। घटना जीआरपी की तत्परता और ईमानदारी का उत्कृष्ट उदाहरण है।

Jan 27, 2026 - 10:34
ट्रेन में छूट गए  लाखों के जेवरात : लूणी जीआरपी की तत्परता से यात्री को मिला बैग, 8-9 लाख के आभूषण सुरक्षित लौटाए
ए आई जनरेटेड

जोधपुर रेल यात्रा के दौरान अक्सर जल्दबाजी में सामान छूट जाता है, लेकिन कई बार ऐसा भी होता है जब ईमानदारी और पुलिस की मुस्तैदी से खोया हुआ सामान वापस मिल जाता है। इसी तरह की एक दिल छू लेने वाली घटना जोधपुर रेलवे जोन में हुई, जहां एक यात्री का जेवरातों से भरा बैग ट्रेन में छूट गया, लेकिन लूणी जीआरपी की टीम ने मात्र कुछ घंटों में उसे ढूंढकर सुरक्षित मालिक को सौंप दिया। जेवरातों की अनुमानित कीमत 8 से 9 लाख रुपये बताई गई है।

दरअसल, जोधपुर के जनता कॉलोनी निवासी विक्की तेजी और उनकी पत्नी प्रियंका ट्रेन संख्या 14707 (राणकपुर एक्सप्रेस) में मूंडवा से जोधपुर की यात्रा कर रहे थे। जोधपुर स्टेशन पहुंचने के बाद वे उतर गए, लेकिन उनका एक काला रंग का बैग ट्रेन में ही छूट गया। इस बैग में कीमती जेवरात, कपड़े और अन्य सामान भरा हुआ था।

यात्रियों ने जैसे ही बैग के छूटने का अहसास हुआ, उन्होंने तुरंत रेलवे की हेल्पलाइन नंबर 139 पर सूचना दे दी। उन्होंने बैग का रंग और ट्रेन का विवरण बताया कि एक काला बैग छूट गया है। सूचना मिलते ही लूणी जीआरपी चौकी की एएसआई कंचन राठौड़ और हेड कॉन्स्टेबल कविता बिश्नोई ने त्वरित कार्रवाई की।

ट्रेन लूणी स्टेशन पर पहुंची तो दोनों अधिकारी कोच में गए और बताए गए स्थान पर जांच की। वहां एक काला बैग पड़ा मिला। आसपास मौजूद यात्रियों से पूछताछ की गई, लेकिन किसी ने भी बैग अपना होने का दावा नहीं किया। इसके बाद मौके पर ही गवाहों की मौजूदगी में बैग खोला गया, तो उसमें चमकते हुए कीमती जेवरात और कपड़े मिले। सामान की कीमत को देखते हुए इसे तुरंत सुरक्षित रखकर लूणी जीआरपी चौकी ले जाया गया।

जीआरपी टीम ने रेल मदद हेल्पलाइन के माध्यम से यात्री विक्की तेजी को सूचित किया कि उनका बैग मिल गया है। सूचना मिलते ही विक्की तेजी अपनी पत्नी प्रियंका के साथ लूणी स्टेशन पहुंचे। उन्होंने बैग और जेवरातों की पूरी पहचान की और अपना होने की पुष्टि की। जीआरपी अधिकारियों ने पूरी जांच और फोटोग्राफी के बाद संतुष्ट होकर बैग व जेवरात उन्हें सुपुर्द कर दिए।

यात्रियों ने जीआरपी टीम की सराहना की और कहा कि ऐसी ईमानदारी और तत्परता देखकर भरोसा मजबूत होता है। यह घटना रेलवे पुलिस की सजगता और यात्री-सुरक्षा के प्रति समर्पण का बेहतरीन उदाहरण है।

रेल यात्रा के दौरान सावधानी बरतें

- सामान हमेशा नजर के सामने रखें।

- छूटने पर तुरंत 139 या रेल मदद ऐप पर सूचना दें।

- जीआरपी/आरपीएफ की मदद से ज्यादातर खोया सामान वापस मिल जाता है।

ऐसी घटनाएं साबित करती हैं कि आज भी ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा जिंदा है।

Nathusingh BA/MA Arts