अब हर 3 महीने में कांग्रेस नेताओं की होगी परीक्षा, डोटासरा का बड़ा संगठनात्मक फैसला

राजस्थान कांग्रेस में बड़ा बदलाव, कनेक्ट सेंटर से अब जिला-ब्लॉक अध्यक्षों के काम की तिमाही समीक्षा होगी

Feb 14, 2026 - 10:08
अब हर 3 महीने में कांग्रेस नेताओं की होगी परीक्षा, डोटासरा का बड़ा संगठनात्मक फैसला

राजस्थान में हालिया चुनावी हार के बाद राजस्थान कांग्रेस ने संगठन को फिर से सक्रिय और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने एक नई व्यवस्था लागू की है, जिसे ‘कांग्रेस कनेक्ट सेंटर’ नाम दिया गया है। इस पहल का मकसद संगठन के हर स्तर पर कामकाज की निगरानी और जवाबदेही तय करना है।नए सिस्टम के तहत जिला, ब्लॉक और मंडल स्तर के अध्यक्षों को अब हर तीन महीने में अपने काम का पूरा लेखा-जोखा देना होगा। यह एक तरह की त्रैमासिक प्रदर्शन समीक्षा होगी, जिसमें यह देखा जाएगा कि संबंधित पदाधिकारी ने संगठन के लिए क्या किया। पार्टी का स्पष्ट संदेश है—काम होगा तो जिम्मेदारी बनी रहेगी।

कांग्रेस कनेक्ट सेंटर के जरिए ‘कांग्रेस कनेक्ट प्लेटफॉर्म’ का उपयोग अनिवार्य कर दिया गया है। इसी प्लेटफॉर्म के माध्यम से नेताओं को संगठनात्मक कार्य सौंपे जाएंगे और उनके निष्पादन की निगरानी होगी। यह व्यवस्था पार्टी के भीतर तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा देने और रिपोर्टिंग को पारदर्शी बनाने की दिशा में अहम मानी जा रही है।इस सेंटर की खास बात यह है कि यहां से तैयार होने वाली रिपोर्ट सीधे पार्टी नेतृत्व तक पहुंचेगी। यानी अब स्थानीय स्तर पर किए गए काम की जानकारी ऊपर तक बिना किसी फिल्टर के जाएगी। इससे संगठन में निष्क्रियता पर रोक लगाने और सक्रिय कार्यकर्ताओं को आगे लाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

कांग्रेस कनेक्ट सेंटर की जिम्मेदारी पीसीसी महासचिव जसवंत गुर्जर को दी गई है। उनके साथ राजेंद्र यादव और पुष्पेंद्र मीणा को को-चेयरमैन बनाया गया है। इनके अलावा एक समर्पित टीम भी गठित की गई है, जो संगठनात्मक गतिविधियों की नियमित समीक्षा करेगी। पार्टी नेताओं का मानना है कि यह पहल कांग्रेस को दोबारा जमीनी स्तर पर मजबूत करने में मदद करेगी। नियमित समीक्षा, डिजिटल ट्रैकिंग और स्पष्ट जवाबदेही से संगठन में अनुशासन बढ़ेगा और चुनावी तैयारियों को भी मजबूती मिलेगी।