राजस्थान में आर्थिक क्रांति: पहली बार ₹2 लाख के पार पहुंची प्रति व्यक्ति आय, CM भजनलाल ने पेश किया भविष्य का रोडमैप
राजस्थान की प्रति व्यक्ति आय ₹2 लाख पार। CM भजनलाल ने विधानसभा में 2026-27 के बजट और विकास की ठोस नीतियों का लेखा-जोखा रखा।
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राजस्थान की आर्थिक प्रगति को लेकर विधानसभा में बड़ा दावा किया है। शुक्रवार को वित्त एवं विनियोग विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था अब 'ट्रैक' पर है और पहली बार प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय 2 लाख रुपये के जादुई आंकड़े को पार कर गई है। उन्होंने सदन को बताया कि उनकी सरकार का लक्ष्य केवल वर्तमान सुधार नहीं, बल्कि साल 2047 तक राजस्थान को देश का प्रमुख 'ग्रोथ इंजन' बनाना है।
#Live:- "राजस्थान वित्त एवं विनियोग विधेयक -2026" पर चर्चा का जवाब | विधानसभा, जयपुरhttps://t.co/R1YiiR2QxD — Bhajanlal Sharma (@BhajanlalBjp) February 27, 2026
आंकड़ों में राजस्थान की नई छलांग
मुख्यमंत्री ने सदन में तुलनात्मक आंकड़े पेश करते हुए बताया कि वर्ष 2023-24 में प्रति व्यक्ति आय जहां 1 लाख 67 हजार 27 रुपये थी, वहीं अब यह 21.15% की भारी बढ़ोतरी के साथ 2,02,349 रुपये होने जा रही है। उन्होंने कहा कि "काम ज्यादा-समय आधा" के मंत्र पर चलते हुए सरकार ने पिछले दो साल में वह कर दिखाया है, जो पिछली सरकार के पांच साल के कार्यकाल में नहीं हुआ।
GSDP और बजट का बढ़ता दायरा
वित्त विधेयक पर जवाब देते हुए CM शर्मा ने बताया कि वर्ष 2026-27 के लिए राज्य का बजट 6 लाख 10 हजार 956 करोड़ रुपये है, जो पिछली सरकार के अंतिम बजट से 41% अधिक है। उन्होंने कहा कि 2026-27 में राजस्थान की GSDP (सकल राज्य घरेलू उत्पाद) करीब 21.52 लाख करोड़ रुपये पहुंचने का अनुमान है।
सरकार की प्रमुख उपलब्धियां और तुलना:
पूंजीगत व्यय: आधारभूत ढांचे पर इस वर्ष 53,978 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जो पिछली सरकार के मुकाबले दोगुने से भी ज्यादा है।
राजकोषीय अनुशासन: राजकोषीय घाटे को सीमित कर 3.69% पर लाया गया है।
कृषि बजट: किसानों के लिए 1.19 लाख करोड़ का बजट रखा गया है, जो पहले की तुलना में 34% अधिक है।
पेयजल और औद्योगिक परियोजनाओं पर घेरा
मुख्यमंत्री ने पिछली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पूर्ववर्ती कार्यकाल में कुम्भाराम लिफ्ट परियोजना, बाड़मेर पेयजल योजना और कई औद्योगिक कॉरिडोर सिर्फ घोषणाओं तक सीमित थे, जिन पर "डबल जीरो" काम हुआ। उन्होंने यमुना जल समझौते (रामजल सेतु लिंक) का जिक्र करते हुए कहा कि अब शेखावाटी के प्यासे कंठों तक पानी पहुंचाने का काम धरातल पर शुरू हो चुका है।
शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा पर जोर
सरकार ने शिक्षा बजट में 35% की बढ़ोतरी करते हुए इसे 68,989 करोड़ रुपये कर दिया है। स्वास्थ्य क्षेत्र में भी राष्ट्रीय मानकों (8%) से अधिक खर्च किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन की न्यूनतम राशि को बढ़ाकर 1300 रुपये कर दिया गया है और अब पेंशन का भुगतान महीनों की देरी के बजाय सीधे अगले महीने के पहले सप्ताह में हो रहा है।
भविष्य का विजन: 350 बिलियन डॉलर इकोनॉमी
भजनलाल शर्मा ने घोषणा की कि उनका लक्ष्य राजस्थान की अर्थव्यवस्था को साल 2028-29 तक 350 बिलियन डॉलर और 2047 तक 4.3 ट्रिलियन डॉलर तक ले जाना है। खास बात यह है कि इस भारी-भरकम बजट और विकास योजनाओं के बावजूद जनता पर कोई नया टैक्स नहीं लगाया गया है।