राजस्थान कैबिनेट का बड़ा फैसला: अब 2 से ज्यादा संतान वाले भी लड़ सकेंगे चुनाव, आर्थिक अपराधों पर लगाम के लिए बनेगा नया निदेशालय
राजस्थान कैबिनेट ने 2 से अधिक संतान वालों को चुनाव लड़ने की छूट दी और आर्थिक अपराधों पर सख्ती के लिए नया निदेशालय बनाया।
राजस्थान में चुनावी नियमों में बड़ा बदलाव: 2 से अधिक संतान वाले भी बन सकेंगे सरपंच और पार्षद; कैबिनेट बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर मुहर
जयपुर। राजस्थान की भजनलाल सरकार ने प्रदेश के राजनीतिक और प्रशासनिक ढांचे में कई बड़े बदलावों को मंजूरी दे दी है। बुधवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में सबसे महत्वपूर्ण फैसला पंचायती राज और नगरपालिका चुनाव लड़ने की पात्रता को लेकर लिया गया। अब प्रदेश में दो से अधिक संतान वाले व्यक्ति भी चुनाव लड़ सकेंगे।
चुनाव नियमों में ढील: समय की मांग या जरूरत?
संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने बैठक के बाद बताया कि राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 और नगरपालिका अधिनियम 2009 में संशोधन के लिए विधेयक लाए जाएंगे। उन्होंने तर्क दिया कि जब यह नियम लागू हुआ था (1991-94), तब प्रदेश में प्रजनन दर 3.6 थी, जो अब घटकर 2 रह गई है। ऐसे में जनसंख्या नियंत्रण का उद्देश्य काफी हद तक पूरा हो चुका है, इसलिए इस प्रतिबंध को हटाने का निर्णय लिया गया है।
इसके साथ ही, कुष्ठ रोगियों को 'खतरनाक बीमारी' की श्रेणी से बाहर कर दिया गया है, जिससे वे भी अब समाज की मुख्यधारा में जुड़कर चुनाव लड़ पाएंगे।
आर्थिक अपराधियों की अब खैर नहीं
राज्य में बढ़ते वित्तीय अपराधों, जैसे सरकारी जमीन पर कब्जा, फर्जी दस्तावेज, मल्टी लेवल मार्केटिंग ठगी और बेनामी संपत्तियों की जांच के लिए 'राजस्व आसूचना एवं आर्थिक अपराध निदेशालय' के गठन को मंजूरी दी गई है। यह नया विभाग न केवल टैक्स चोरी रोकेगा, बल्कि रियल एस्टेट और शेयर बाजार में होने वाली धोखाधड़ी पर भी पैनी नजर रखेगा।
उद्योग और रोजगार: नई औद्योगिक पार्क प्रोत्साहन नीति 2026
उद्योग मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने बताया कि निजी क्षेत्र को औद्योगिक पार्क विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु नई नीति लाई जा रही है।
अनुदान: सरकार सामान्य इंफ्रास्ट्रक्चर पर 20\% तक का पूंजीगत अनुदान देगी (अधिकतम ₹40 करोड़ तक)।
ग्रीन डेवलपमेंट: पर्यावरण का ध्यान रखते हुए ट्रीटमेंट प्लांट (CETP) पर खर्च होने वाली राशि की 50\% प्रतिपूर्ति सरकार करेगी।
बड़ा निवेश: नीमकाथाना में 53 हेक्टेयर भूमि आवंटित की गई है, जहाँ ₹500 करोड़ के निवेश से पेलेट प्लांट लगेगा, जिससे करीब 565 लोगों को सीधा रोजगार मिलेगा।
जयपुर को मिलेगा 'राजस्थान मंडपम' का उपहार
जयपुर के टोंक रोड पर 'राजस्थान मंडपम' और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर बनाया जाएगा। खास बात यह है कि यह प्रोजेक्ट अब पूरी तरह से 'स्व-वित्तपोषित' (Self-financed) होगा, यानी सरकार पर इसका कोई आर्थिक भार नहीं पड़ेगा। इस प्रोजेक्ट से लगभग ₹10 करोड़ की शुद्ध आय होने का अनुमान है।
आयुर्वेद यूनिवर्सिटी और कर्मचारियों को सौगात
अजमेर में नई यूनिवर्सिटी: जोधपुर के बाद अब अजमेर में 'राजस्थान आयुर्वेद, योग तथा नेचुरोपैथी विश्वविद्यालय' की स्थापना होगी, जिससे मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा।
ग्राम विकास अधिकारियों की पदोन्नति: सरकार ने 'वरिष्ठ ग्राम विकास अधिकारी' का नया पद सृजित किया है। इससे 750 अधिकारियों को ग्रेड पे 2400 से सीधे 3600 (लेवल-10) पर पदोन्नति का रास्ता साफ हो गया है।
इन फैसलों के माध्यम से सरकार ने न केवल आम जनता को चुनावी राहत दी है, बल्कि प्रदेश के औद्योगिक और प्रशासनिक भविष्य की नींव भी मजबूत की है।