थार में नशे के 'जहर' पर प्रहार: बाड़मेर में अफीम की खेती और MD फैक्ट्रियों का भंडाफोड़, सीएम की सख्ती का दिखने लगा असर

बाड़मेर में पुलिस और ANTF की बड़ी कार्रवाई। अवैध MD फैक्ट्रियों के बाद अब अफीम की खेती का खुलासा, 'ऑपरेशन शस्यविषम' जारी।

Feb 23, 2026 - 18:58
थार में नशे के 'जहर' पर प्रहार: बाड़मेर में अफीम की खेती और MD फैक्ट्रियों का भंडाफोड़, सीएम की सख्ती का दिखने लगा असर
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

बाड़मेर में नशे के नेटवर्क का सफ़ाया, पुलिस की ज़बरदस्त घेराबंदी

बाड़मेर। राजस्थान को नशामुक्त बनाने के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के संकल्प का असर अब धरातल पर दिखने लगा है। पिछले कुछ दिनों से पश्चिमी राजस्थान का सीमावर्ती जिला बाड़मेर नशे के सौदागरों के खिलाफ एक बड़े अभियान का केंद्र बना हुआ है। मुख्यमंत्री द्वारा पुलिस अधिकारियों को दी गई सीधी चेतावनी— 'काम करो या कार्रवाई झेलो' —के बाद बाड़मेर पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) एक्शन मोड में है।

मुख्यमंत्री की 'जीरो टॉलरेंस' नीति और थार में एक्शन

हाल ही में जयपुर में मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में सीएम भजनलाल शर्मा ने पुलिस महकमे को स्पष्ट संदेश दिया था। उन्होंने दो टूक कहा था कि जिस भी थाना क्षेत्र में नशे का कारोबार पाया जाएगा, वहां के थानाधिकारी (SHO) की जवाबदेही तय होगी। पहली गलती पर चेतावनी, दूसरी पर निलंबन और तीसरी बार सीधे बर्खास्तगी के कड़े निर्देशों ने पुलिस तंत्र में हलचल पैदा कर दी है।

इसी का नतीजा है कि बाड़मेर में पिछले कुछ दिनों के भीतर ही नशे की अवैध फैक्ट्रियों का भंडाफोड़ हुआ है। कल सेड़वा और आज चौहटन क्षेत्र में एमडी (MD) ड्रग्स बनाने वाली फैक्ट्रियों पर छापेमारी कर पुलिस ने करोड़ों का माल ज़ब्त किया है। इस महीने बाड़मेर में ANTF द्वारा पकड़ी गई यह चौथी बड़ी फैक्ट्री है।

खेतों में 'सफेद पर्दे' के पीछे जहर की खेती

तस्करी और फैक्ट्रियों के बीच सिवाना थाना क्षेत्र से एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक खेत में सफेद पर्दे लगाकर अफीम की अवैध खेती की जा रही थी। पुलिस ने छापेमारी कर मौके से 2428 अफीम के पौधे बरामद किए हैं। थार के रेगिस्तान में अब तक केवल तस्करी के मामले ही प्रमुख थे, लेकिन अवैध खेती का सामने आना सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का नया विषय है।

क्या है 'ऑपरेशन शस्यविषम'?

इस पूरी कार्रवाई को ANTF ने ‘शस्यविषम’ नाम दिया है। इस नाम के पीछे का अर्थ बेहद गहरा है। ‘शस्य’ का अर्थ फसल होता है, और जिस तरह गुपचुप तरीके से अफीम उगाई जा रही थी, वह समाज के लिए किसी 'विष' (जहर) से कम नहीं है। इसी भाव को देखते हुए इस अभियान को यह विशेष नाम दिया गया है।

मीणा और विकास कुमार की जोड़ी का कमाल

बाड़मेर एसपी नरेंद्र मीणा और आईजी विकास कुमार के नेतृत्व में पुलिस की टीम जिस तत्परता से काम कर रही है, उसकी चर्चा पूरे प्रदेश में है। युवाओं के भविष्य को बचाने के लिए शुरू किया गया यह अभियान केवल छापेमारी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह नशे की सप्लाई लाइन को जड़ से काटने का प्रयास है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि इसी तरह की सख्ती बरकरार रही, तो सीमावर्ती इलाकों के सैकड़ों परिवारों को नशे के गर्त में गिरने से बचाया जा सकेगा। पुलिस की इस सक्रियता से न केवल अपराधियों में खौफ है, बल्कि आम जनता में प्रशासन के प्रति विश्वास भी बढ़ा है।

Mahaveer Sankhlecha I am a reporter dedicated to delivering accurate news and meaningful stories to the public.