24 घंटे मिलेगा राशन, अब राशन दुकानों पर लगेगी अनाज एटीएम मशीन।
अब राजस्थान में एटीएम मशीन से मिलेगा राशन नहीं जाना पड़ेगा राशन की दुकान पर। जब मर्जी हो तब अपनी राशन डिटेल अनाज एटीएम मशीन में भरो और बायोमेट्रिक करके अपना अनाज प्राप्त करो। इसे पायलट प्रोजेक्ट तहत् भरतपुर में जगह चिह्नित की गई है जिसकी सफलता के बाद यह प्रोजेक्ट पूरे प्रदेश भर में लागू किया जाएगा।
जयपुर राजस्थान
अब राजस्थान में राशन लेने के लिए बड़ी बड़ी कतारों में नहीं लगना पड़ेगा। क्योंकि अब राशन दुकानों पर लगेगी अनाज एटीएम मशीनें। मशीन का नाम रखा गया है "अन्नपूर्ति"। राशन लेने के लिए मशीन में भरनी पड़ेगी डिटेल और करना पड़ेगा अंगूठा स्कैन।
अब राजस्थान के करीब 4 करोड़ लोगों को राशन लेने के लिए अब राशन दुकानों पर लगी लाइन में खड़ा नहीं रहना पड़ेगा क्योंकि अब सरकार प्रत्येक राशन दुकान पर एक अनाज एटीएम ऑटोमैटिक मशीन लगाएगी जिसकी शुरुआत पायलट प्रोजेक्ट तहत् भारतपुर में जगह चिह्नित कर ली गई है और इस प्रोजेक्ट के सफल होने के बाद इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा।
इस अनाज एटीएम के तहत आप किसी भी जगह से अपने राशन कार्ड से अपना अनाज ले सकेंगें।
सूत्रों के अनुसार विभाग अधिकारियों का कहना है कि अनाज एटीएम एक ऑटोमेटिक मशीन है बिल्कुल एटीम मशीन की तरह जिस तरह एटीएम में पिन लगाकर पैसे निकाले जाते हैं ठीक उसी तरह अनाज एटीएम में भी आप अपने राशन कार्ड के आधार पर गेहूं, चावल, दाल जो भी अनाज आपको मिलता है राशन की दुकान पर उसे निकाल सकते हैं।
राशन आसानी से तेजी से और बिना लाइन में लगे मिलेगा 24 घंटे।
सरकार प्रदेशवासियों के लिए एक आरामदायक और सुविधाजनक अनाज एटीएम मशीन लाने वाली है जिसका निर्माण संयुक्त राष्ट्र विश्व खाद्य कार्यक्रम तहत किया गया है जो एक ऑटोमेटिक मशीन है। जो 24 घंटे काम करती है बिल्कुल एटीएम मशीन की तरह जिसके लिए कोई समय सीमा तय नहीं है। इससे पहले आपको राशन की दुकान पर जाना पड़ता था लाइन में लगना पड़ता था राशनकार्ड की एंट्री करवानी पड़ती थी पर अब आप आधी रात को भी अपना राशन ले सकते हैं और किसी भी जगह से ले सकते हैं। बस राशन प्राप्त कर्ता को अनाज एटीएम मशीन के पास जाकर अपनी डिटेल भरनी है और बायोमेट्रिक करना होगा।
सूत्रों के अनुसार संपूर्ण जानकारी खाद्य सचिव अंबरीश कुमार ने दी है। और खाद्य एवं नागरिक सुरक्षा मंत्री सुमित गोदारा ने बताया है कि इस प्रोजेक्ट की सफलता के बाद यह प्रोजेक्ट पूरे प्रदेश भर में लागू किया जाएगा।