पुष्कर का कायाकल्प विश्वस्तरीय आध्यात्मिक हब बनेगी ब्रह्मा नगरी,30 करोड़ से चमकेंगे रास्ते।
भजनलाल सरकार का बड़ा फैसला! पुष्कर सहित 6 धार्मिक स्थलों पर बनेंगी मॉडल सड़कें।अब जाम मुक्त होगा दर्शन।
जयपुर ~ राजस्थान की भजनलाल सरकार प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों की सूरत बदलने के लिए पूरी तरह से एक्शन मोड में नजरआ रही है तीर्थराज पुष्कर को अब केवल देश ही नहीं, mबल्कि दुनिया के बेहतरीन आध्यात्मिक केंद्र के रूप में विकसित करने कीतैयारी शुरू हो चुकी है गुरुवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में सीएम भजनलाल शर्मा ने पुष्कर केकायाकल्प को लेकर अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री का विजन साफ है कि पुष्कर की पौराणिक दिव्यता और भव्यता को बरकरार रखते हुए वहां श्रद्धालुओं के लिए आधुनिकसुविधाएं जुटाई जाएं राज्य सरकार ने बजट 2026-27 में जिस 'मॉडल रोड' और 'कन्वेंशन सेंटर' की घोषणा की थी,अब उसेधरातल पर उतारने का काम शुरू हो गया है।
मॉडल रोड से सुधरेगी यातायात व्यवस्था,30 करोड़ का बजट मंजूर
पुष्कर आने वाले श्रद्धालुओं की सबसे बड़ी समस्या अक्सर जाम और जर्जर सड़कें होती हैं सरकार ने इस समस्या का समाधान'मॉडल रोड' के रूप में निकाला है केवल पुष्कर ही नहीं,बल्कि राजस्थान के अन्य आस्था केंद्रों जैसे खाटू श्याम जी, देशनोक,पोकरण,डिग्गी और मंडावर के मुख्य प्रवेश द्वारों को भी मॉडल रोड के रूप में विकसित किया जाएगा।
इस पूरे प्रोजेक्ट के लिए सरकार ने 30 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है इन सड़कों पर न केवल चौड़े फुटपाथ औरअत्याधुनिक लाइटिंग की व्यवस्था होगी, बल्कि इनके सौंदर्यीकरण पर भी खास ध्यान दिया जाएगा इससे विदेशी पर्यटकों औरस्थानीय श्रद्धालुओं को आवागमन में सुगमता होगी और तीर्थ स्थलों की पहली छवि बेहद आकर्षक नजर आएगी।
विरासत और आधुनिकता का अनूठा संगम
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि विकास कार्यों के दौरान हमारी प्राचीन विरासत को कोई नुकसान नहींपहुंचना चाहिए। सरकार का लक्ष्य पुष्कर को एक ऐसे आध्यात्मिक हब के रूप में तैयार करना है,जहां प्राचीन परंपराओं औरआधुनिक सुविधाओं का अनूठा मेल हो।
बजट में घोषित कन्वेंशन सेंटर के जरिए यहां बड़े धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के लिए बेहतर स्थान उपलब्ध हो सकेगा।प्रशासन का मानना है कि इन सुविधाओं के विस्तार से न केवल तीर्थयात्रियों की संख्या में इजाफा होगा, बल्कि स्थानीय रोजगार औरपर्यटन उद्योग को भी नई संजीवनी मिलेगी। पुष्कर को विश्व स्तरीय बनाने की इस योजना से राजस्थान की सांस्कृतिक पहचानवैश्विक पटल पर और भी ज्यादा मजबूत होकर उभरेगी।