चादर महोत्सव के लिए श्रमिक छावनी बना जैसलमेर का डेडानसर मैदान। 300 श्रमिक 24 घंटे, बनेगा विश्व रिकॉर्ड।
6 मार्च से 8 मार्च तक जैसलमेर में भव्य चादर महोत्सव का आयोजन होने जा रहा है जिसमें दादा गुरुदेव जी की चमत्कारी चादर का विधिपूर्वक अभिषेक किया जाएगा। चादर महोत्सव का शुभारंभ RSS सरसंघचालक मोहन भागवत द्वारा किया जाएगा। जिसमें भारत के साधु संत शिरकत करेंगे। भव्य चादर महोत्सव आयोजन में सामूहिक पाठ का विश्व रिकॉर्ड बनेगा।
जैसलमेर
राजस्थान ही नहीं बल्कि भारत के सुदूर पश्चिमी क्षेत्र में स्थित जैसलमेर जिला एक और विश्व रिकॉर्ड बनाने जा रहा है। जहां यह दावा किया जा रहा है कि निर्धारित समय पर 7 मार्च को करीब 1.8 करोड़ लोग पूरी दुनिया में एक साथ दादागुरु इकतीसा पाठ करेंगे। जो अपने आप में एक कीर्तिमान होगा।
दरअसल जैसलमेर में 6 मार्च से 8 मार्च तक विश्व प्रसिद्ध चादर महोत्सव का आयोजन होने जा रहा है। जिसका शुभारंभ 6 मार्च को RSS के सरसंघचालक मोहन भागवत द्वारा किया जाएगा।
चमत्कारी चादर की कहानी चौंकाने वाली है।
आखिर यह चादर चमत्कारी कैसे है? इसका जवाब देते हुए जैन महाराज श्री जिनमणिप्रभसूरीश्वर जी म सा ने पत्रकारों को बताया कि करीब 800 वर्ष पूर्व दादा गुरुदेव जी के निर्वाण के समय जब जनका अग्नि संस्कार हुआ तब एक चमत्कार हुआ
जिसमें दादा गुरुदेव जी की देह तो पंच तत्व में विलीन हो गई पर उनके पहने हुए वस्त्र ज्यों के त्यों रहे उन वस्त्रों पर अग्नि का कोई प्रभाव नहीं पड़ा। और उसके बाद उनकी चादर को विधिवत पूजन के लिए रखा गया। उसके बाद आज से करीब 150 साल पहले जैसलमेर में महामारी फैली तो इस चमत्कारी चादर को पाटन से जैसलमेर लाया गया और चादर का जलाभिषेक कर उस पवित्र जल को लोगों में बांटा गया अर्थात छिड़काव किया गया जिससे महामारी का संकट टला। उसके बाद से ही पश्चिमी राजस्थान सहित पूर्ण भारत में यह चादर और अधिक प्रभाव से प्रचलित हुई और जगह जगह गुणगान होने लगा।
इस बार होगा विधिवत् अभिषेक।
महामारी के दौरान जब चादर का जलाभिषेक हुआ और उसके पवित्र जल को लोगों में बांटा गया और महामारी का प्रभाव कम हो गया इसी को ध्यान में रखते हुए महाराज श्री जिनमणिप्रभसूरीश्वर जी ने बताया कि इस बार दादा गुरुदेव की चमत्कारी चादर का एक विधि विधान के साथ विधिवत तरीके से अभिषेक किया जाएगा। ताकि आज के समय में जिस प्रकार की महामारियां फेल रही है उसका प्रभाव भी नष्ट हो जाए।
चादर महोत्सव के लिए चल रही महीने भर से तैयारियां।
चादर महोत्सव के लिए जैसलमेर में भव्य रूप से तैयारियां चल रही है जिसमें चादर महोत्सव का मुख्य आकर्षण का केंद्र चादर सहित शहर का डेडानसर मैदान बना हुआ है। जहां मैदान में टेंट सिटी बनाने के लिए करीब प्रत्येक दिन 24 घंटे 300 श्रमिक लगे हुए हैं। सूत्रों के अनुसार इस महोत्सव के लिए देश विदेश से करीब 30 हजार श्रद्धालुओं के आने की संभावना है।
6 से 8 मार्च के बीच रहेंगे निम्न
सूत्रों के अनुसार 6 मार्च को चादर महोत्सव का शुभारंभ होगा। जिसमें गच्छाधिपति आचार्य श्री जिनमणिप्रभसूरी जी का मंगल प्रवेश रहेगा। डाक टिकट और सिक्के का विमोचन। इसके साथ ही 7 मार्च को 1.8 करोड़ लोगों का सामूहिक पाठ व वरघोड़ा कार्यक्रम रहेगा और 8 मार्च को महाराज महेंद्र सागर जी को आचार्य की पदवी सहित चादर जलाभिषेक पवित्र जल का श्रद्धालुओं में वितरण किया जाएगा।