भरतपुर हाईवे पर मौत का कहर: कोहरे में स्लीपर बस ट्रेलर से टकराई, मां-बेटे समेत 4 की दर्दनाक मौत, 5 घायल
भरतपुर के आगरा-जयपुर हाईवे पर कोहरे में स्लीपर बस ने खड़े ट्रेलर से टक्कर मारी, जिसमें मां-बेटे समेत 4 की मौत और 5 घायल। बस कासगंज से जयपुर जा रही थी। पुलिस ने जांच शुरू की।
भरतपुर। राजस्थान के भरतपुर जिले में आगरा-जयपुर नेशनल हाईवे पर एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ, जहां घने कोहरे की वजह से एक स्लीपर बस ने खड़े ट्रेलर में जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण दुर्घटना में मां-बेटे समेत चार लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। बस कासगंज (उत्तर प्रदेश) से जयपुर की ओर जा रही थी, जब सेवर पुल पर यह हादसा हुआ। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस के परखच्चे उड़ गए और अंदर फंसे यात्रियों की चीख-पुकार से पूरा इलाका गूंज उठा। यह घटना बुधवार देर रात करीब 2:30 बजे सेवर थाना इलाके में हुई।
सेवर थाना के सब-इंस्पेक्टर अवधेश ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से बस में फंसे यात्रियों को बड़ी मुश्किल से बाहर निकाला गया। घायलों को तुरंत आरबीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। मृतकों के शवों को मॉर्चुरी में रखा गया है और उनके परिजनों को सूचित कर दिया गया है। परिजनों के आने के बाद पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, जिसमें ट्रेलर की खराबी और चेतावनी संकेतों की कमी को प्रमुख कारण माना जा रहा है।
मां-बेटे की मौत ने परिवार को तोड़ा
हादसे में मथुरा के सतोवा गांव निवासी गीता (38 वर्ष), पत्नी रामवीर, और उनके 8 वर्षीय बेटे कान्हा की मौत हो गई। इसके अलावा बस ड्राइवर मुक्खन सिंह (28 वर्ष), पुत्र खेम सिंह, निवासी कठूमर (अलवर), और मुस्लिम (40 वर्ष), पुत्र इस्माइल, निवासी कासगंज की भी जान चली गई। ये सभी मौतें मौके पर ही हो गईं, जबकि घायलों में रामवीर समेत अन्य यात्री शामिल हैं, जिनकी हालत नाजुक बनी हुई है।
खाटूश्याम जी दर्शन की यात्रा बनी मौत का सफर
बस में सवार रामवीर अपनी पत्नी गीता और बेटे कान्हा के साथ खाटूश्याम जी मंदिर के दर्शन के लिए जा रहे थे। रामवीर पेशे से भगवान की मूर्तियों के लिए कागज की पगड़ियां बनाते हैं और हर महीने माल सप्लाई करने खाटूश्याम जी जाते हैं। इस बार उन्होंने परिवार को भी साथ लिया था, लेकिन यह यात्रा उनके लिए अभिशाप बन गई। हादसे में रामवीर की पत्नी और बेटे की मौत हो गई, जबकि वे खुद गंभीर घायल हैं। परिवार में मातम पसरा हुआ है और गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
प्रत्यक्षदर्शी की जुबानी: कोहरे ने छीनी दृश्यता
एक प्रत्यक्षदर्शी राजेश ने बताया कि रात के समय घना कोहरा छाया हुआ था, जिसकी वजह से सड़क पर विजिबिलिटी बेहद कम थी। ट्रेलर खराब होकर सड़क किनारे खड़ा था, लेकिन उसके पीछे कोई बैरिकेड, रिफ्लेक्टर या चेतावनी संकेत नहीं लगाए गए थे। बस ड्राइवर को ट्रेलर नजर नहीं आया और बस सीधे उसमें घुस गई। टक्कर की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोग दौड़ पड़े। राजेश ने कहा कि अगर ट्रेलर पर उचित संकेत होते, तो शायद यह हादसा टल सकता था। पुलिस अब ट्रेलर मालिक की भी तलाश कर रही है ताकि लापरवाही की जांच हो सके।