बम धमकी से हड़कंप: चित्तौड़गढ़ कलेक्ट्रेट में 5 बम प्लांट करने का दावा, व्यापक सर्च ऑपरेशन जारी
चित्तौड़गढ़ जिला कलेक्ट्रेट को 14 दिसंबर 2025 की रात 12:47 बजे कलेक्टर की आधिकारिक NIC ईमेल पर बम धमकी मिली। ईमेल में दावा किया गया कि परिसर में 5 बम रखे गए हैं, जो दिन में विस्फोट करेंगे। सूचना मिलते ही 15 दिसंबर सुबह हाई अलर्ट जारी किया गया।
चित्तौड़गढ़/जयपुर, 15 दिसंबर 2025: राजस्थान में सरकारी कार्यालयों को बम से उड़ाने की धमकियों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। सोमवार को चित्तौड़गढ़ जिला कलेक्ट्रेट को ईमेल के जरिए बम धमकी मिलने से पूरे प्रशासन में हड़कंप मच गया। धमकी भरे ईमेल में दावा किया गया कि कलेक्ट्रेट परिसर में 5 बम रखे गए हैं, जो दिन में किसी भी समय ब्लास्ट हो सकते हैं।
यह धमकी रविवार देर रात 12:47 बजे चित्तौड़गढ़ जिला कलेक्टर की आधिकारिक एनआईसी ईमेल आईडी पर आई। एडिशनल एसपी सरिता सिंह ने बताया कि ईमेल में स्पष्ट रूप से लिखा था कि परिसर में पांच बम प्लांट किए गए हैं और ये दिन में विस्फोट करेंगे। सोमवार सुबह करीब 10:30 बजे एडीएम प्रभा गौतम ने इसकी जानकारी अधिकारियों को दी।
सूचना मिलते ही हाई अलर्ट जारी कर दिया गया। डिस्ट्रिक्ट स्पेशल टीम (डीएसटी), लोकल इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) की टीमों ने तुरंत सर्च ऑपरेशन शुरू किया। उदयपुर से एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) की टीम मौके पर पहुंची, जबकि इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (ईआरटी) ने भी जांच में जुट गई। इसके अलावा बम डिस्पोजल स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड की टीमों को भी चित्तौड़गढ़ बुलाया गया।सुरक्षा बलों ने कलेक्ट्रेट के सभी कमरों, गलियारों, पार्किंग एरिया, खुले स्थानों और आसपास के पूरे परिसर में सघन तलाशी अभियान चलाया। डॉग स्क्वॉड की मदद से हर संदिग्ध जगह को बारीकी से खंगाला गया। अभी तक किसी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक की कोई जानकारी नहीं मिली है, लेकिन सर्च ऑपरेशन जारी है। सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया है।
पुलिस ने ईमेल की तकनीकी और साइबर जांच शुरू कर दी है ताकि धमकी भेजने वाले की लोकेशन, मकसद और पहचान का पता लगाया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि ऐसी धमकियों को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इससे पहले हनुमानगढ़ में भी मिली थी धमकी
उल्लेखनीय है कि सोमवार सुबह ही हनुमानगढ़ जिला कलेक्ट्रेट को भी इसी तरह की बम धमकी मिली थी। वहां ईमेल में परिसर को मात्र 5 मिनट में उड़ाने का दावा किया गया था। सूचना मिलते ही पूरे कलेक्ट्रेट और पास के जिला न्यायालय परिसर को खाली करवाया गया। सभी गेटों पर पुलिस तैनात कर दी गई और किसी को प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई। बम स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड ने चप्पे-चप्पे की तलाशी ली, लेकिन कुछ नहीं मिला।
राजस्थान में धमकियों का सिलसिला
दिसंबर महीने में राजस्थान के कई प्रमुख स्थानों को बम धमकी मिल चुकी है:3 दिसंबर: जयपुर कलेक्ट्रेट
4 दिसंबर: अजमेर कलेक्ट्रेट और ख्वाजा गरीब नवाज दरगाह
5 दिसंबर: राजस्थान हाईकोर्ट (जयपुर)
8 दिसंबर: कोटा कलेक्ट्रेट और जयपुर हाईकोर्ट
इन सभी मामलों में सर्च के बाद धमकियां झूठी साबित हुईं, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ये धमकियां साइबर शरारत या किसी बड़े षड्यंत्र का हिस्सा हो सकती हैं। साइबर सेल विदेशी वीपीएन के जरिए भेजे जा रहे इन ईमेल की ट्रेसिंग में जुटी हुई है।
प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। राज्य में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त किया जा रहा है।