सवाई माधोपुर मेडिकल कॉलेज में घटिया निर्माण पर भड़के मंत्री किरोड़ी लाल मीणा, अफसरों से तीखी बहस

सवाई माधोपुर मेडिकल कॉलेज के निरीक्षण में घटिया निर्माण पर मंत्री किरोड़ी लाल मीणा भड़के, अफसरों पर गंभीर आरोप लगे।

Feb 3, 2026 - 08:27
सवाई माधोपुर मेडिकल कॉलेज में घटिया निर्माण पर भड़के मंत्री किरोड़ी लाल मीणा, अफसरों से तीखी बहस

राजस्थान के सवाई माधोपुर स्थित निर्माणाधीन राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय में उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने कॉलेज भवन का औचक निरीक्षण किया। सोमवार शाम करीब 4 बजे पहुंचकर किरोड़ीलाल मीणा ने मौके पर निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर गहरी नाराजगी जताई। प्लास्टर और दीवारों की हालत देखकर उन्होंने अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई।

प्लास्टर के नाम पर मिट्टी, शर्म नहीं आती”

निरीक्षण के दौरान मंत्री किरोड़ीलाल ने आरएसआरडीसी (राजस्थान राज्य सड़क विकास और निर्माण निगम लिमिटेड) के अधिकारियों से निर्माण सामग्री और प्लास्टर की गुणवत्ता पर सवाल पूछे। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर वे भड़क गए। उन्होंने XEN और AEN को फटकारते हुए कहा कि प्लास्टर के नाम पर मिट्टी डाली जा रही है। मंत्री ने कहा कि सरकार जनता का पैसा दे रही है, इसलिए निर्माण कार्य टिकाऊ और गुणवत्ता वाला होना चाहिए। उन्होंने इसे लूट बताते हुए कड़े शब्दों में निर्देश दिए। मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को चेतावनी दी और उच्च अधिकारियों को निर्माण कार्य की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मेडिकल कॉलेज जैसे महत्वपूर्ण संस्थान में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

XEN का आरोप: समर्थकों ने की मारपीट

घटना के बाद XEN राकेश कुमार दीक्षित ने गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि मंत्री के समर्थकों ने प्रोजेक्ट मैनेजर नवनीत और AEN सुमित मिश्रा के साथ मारपीट की। इसके बाद उनके साथ भी हाथापाई की गई। दीक्षित ने आशंका जताई कि घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज के साथ छेड़छाड़ हो सकती है। उन्होंने इस पूरे मामले की शिकायत जयपुर स्थित आरएसआरडीसी के उच्चाधिकारियों को भेजी है।

प्रिंसिपल पर लगाए आरोप

XEN दीक्षित ने मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. बुद्धिप्रकाश पर भी आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि द्वेषवश उन्हीं स्थानों को दिखाया गया, जहां निर्माण में कुछ खामियां थीं। दीक्षित ने चेतावनी दी कि अगर सीसीटीवी फुटेज से छेड़छाड़ हुई तो प्रिंसिपल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।

प्रिंसिपल का जवाब

वहीं, मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. बीपी मीना ने इन आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान जब निर्माण में खामियां सामने आईं तो कुछ लोग नाराज हो गए थे, उसी के बाद विवाद की स्थिति बनी। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने केवल वास्तविक स्थिति ही मंत्री के सामने रखी थी। फिलहाल यह मामला प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। निर्माण की गुणवत्ता, अफसरों की जवाबदेही और मारपीट के आरोपों को लेकर जांच की मांग तेज हो गई है।