नीमकाथाना में बंद, जिला व सीकर संभाग बहाली को लेकर एक साल बाद फिर उभरा आंदोलन

नीमकाथाना जिला व सीकर संभाग बहाली की मांग पर बंद, व्यापारियों, वकीलों और संगठनों का समर्थन

Dec 28, 2025 - 15:33
नीमकाथाना में बंद, जिला व सीकर संभाग बहाली को लेकर एक साल बाद फिर उभरा आंदोलन

नीमकाथाना जिला और सीकर संभाग की बहाली की मांग को लेकर आज 28 दिसंबर को नीमकाथाना पूरी तरह बंद रहा। बार संघ और युवा शक्ति के आह्वान पर हुए इस बंद को व्यापारियों, वकीलों, युवाओं और आम नागरिकों का व्यापक समर्थन मिला। बंद के दौरान बाजार, मंडियां और अधिकांश प्रतिष्ठान बंद रहे, जिससे पूरे कस्बे में आंदोलन का असर साफ नजर आया।

नीमकाथाना को जिला और सीकर को संभाग का दर्जा हटाए जाने के एक साल पूरे होने पर इसे काले दिवस के रूप में मनाया गया। इस मौके पर कस्बे के खेतड़ी मोड़ पर बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए और नारेबाजी करते हुए धरना दिया। प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार के फैसले का विरोध जताते हुए मांग की कि नीमकाथाना को फिर से जिला और सीकर को संभाग का दर्जा दिया जाए।

आंदोलनकारियों का कहना है कि जिला और संभाग खत्म होने से क्षेत्र के लोगों को प्रशासनिक, न्यायिक और विकास से जुड़ी कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। दूर-दराज के कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, जिससे समय और धन दोनों की हानि हो रही है। इसी कारण आमजन में सरकार के फैसले को लेकर नाराजगी है।

बार संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि भाजपा सरकार ने नीमकाथाना और सीकर की जनता के साथ अन्याय किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शन के दौरान अतिरिक्त जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने की भी तैयारी की गई है।

इस बंद को व्यापार महासंघ, सब्जी मंडी, कपिल मंडी, थड़ी यूनियन, सुभाष मंडी सहित कई संगठनों ने समर्थन दिया। वकीलों के साथ-साथ युवा और व्यापारी वर्ग भी सड़कों पर उतरा, जिससे आंदोलन को मजबूती मिली।

गौरतलब है कि राजस्थान सरकार ने दूदू, केकड़ी, शाहपुरा, नीमकाथाना, गंगापुरसिटी, जयपुर ग्रामीण, जोधपुर ग्रामीण, अनूपगढ़ और सांचौर जिलों को निरस्त किया था। साथ ही पाली, सीकर और बांसवाड़ा संभाग भी खत्म किए गए थे। तब से ही सीकर संभाग और नीमकाथाना जिला बहाली को लेकर क्षेत्र में लगातार संघर्ष जारी है।