पोकरण में गौहत्या के बाद उबाल: बंद रहा बाजार, आरोपी गिरफ्तार, चला बुलडोजर

पोकरण में गौहत्या के विरोध में बंद और आक्रोश रैली, तीन आरोपी गिरफ्तार, एक का मकान ध्वस्त

Jan 10, 2026 - 19:33
पोकरण में गौहत्या के बाद उबाल: बंद रहा बाजार, आरोपी गिरफ्तार, चला बुलडोजर

जैसलमेर जिले के पोकरण क्षेत्र में 8 जनवरी को केलावा गांव में हुई गौहत्या की घटना के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। शुक्रवार को हिंदू संगठनों ने पोकरण बंद और विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया, जिसका असर शनिवार सुबह से ही देखने को मिला। शहर के बाजार पूरी तरह बंद रहे और सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। गौहत्या के विरोध में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

विरोध के बाद पुलिस की त्वरित कार्रवाई

विरोध प्रदर्शन के दबाव के बीच पोकरण पुलिस ने गौहत्या के तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पोकरण डीवाईएसपी भवानी सिंह ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में गफार खां, उसका पुत्र मुराद अली और मोहम्मद सरीफ उर्फ कालू शामिल हैं। तीनों से मामले को लेकर गहन पूछताछ जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

नगरपालिका की बुलडोजर कार्रवाई

गिरफ्तारी के बाद शनिवार सुबह नगर पालिका की टीम ने एक आरोपी के मकान पर अवैध अतिक्रमण का हवाला देते हुए बुलडोजर चलाया। यह मकान पोकरण के रामदेवसर तालाब के पास बना हुआ था। प्रशासन ने बताया कि यह निर्माण नियमों के खिलाफ था, इसलिए इसे ध्वस्त किया गया। कार्रवाई के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहा।

आक्रोश रैली के बाद विरोध सभा

गौहत्या के विरोध में दोपहर 12:30 बजे पंचायत समिति साकड़ा कार्यालय के सामने एक बड़ी सभा का आयोजन किया गया। इससे पहले आक्रोश रैली निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में लोग नारे लगाते हुए शामिल हुए। सभा में पोकरण विधायक महंत प्रताप पूरी, जैसलमेर विधायक छोटू सिंह भाटी, पूर्व विधायक सांग सिंह और शैतान सिंह सहित कई साधु-संत मंच पर मौजूद रहे।

विधायकों ने क्या कहा

सभा को संबोधित करते हुए पोकरण विधायक महंत प्रताप पूरी ने कहा कि गौहत्या जैसे गंभीर अपराध को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के साथ-साथ उनकी संपत्ति भी कुर्क की जाएगी। विधायक ने कहा कि उनका गौ माता से विशेष जुड़ाव है और पोकरण में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।

एसडीएम को सौंपा गया ज्ञापन

सभा के दौरान विधायकों और साधु-संतों ने मौके पर मौजूद एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में गौहत्या जैसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाने और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की गई। प्रशासन ने आश्वासन दिया कि कानून के दायरे में रहकर सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

केंद्रीय मंत्री ने भी जताया आक्रोश

इस घटना को लेकर केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री और जोधपुर सांसद गजेंद्र सिंह शेखावत ने भी सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने घटना पर दुख और आक्रोश जताते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की।

अवैध कब्जों पर कार्रवाई

सभा समाप्त होने के बाद प्रशासन ने जैसलमेर रोड स्थित रामदेवसर तालाब की आगोर भूमि से अवैध कब्जे हटाने की कार्रवाई शुरू की। इस दौरान सड़क किनारे बनी दीवार को गिराया गया। प्रशासन के अनुसार कब्रिस्तान के लिए निर्धारित जमीन से अधिक क्षेत्र पर कब्जा किया गया था, जिसे मुक्त कराया जा रहा है। मौके पर एसडीएम, तहसीलदार और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

बाजार रहे पूरी तरह बंद

गौहत्या के विरोध में आरएसएस, विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल सहित कई संगठनों ने पोकरण बंद का समर्थन किया। इसके चलते पूरे दिन बाजार बंद रहे और आम जनजीवन प्रभावित रहा। प्रशासन ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे शहर में पुलिस बल तैनात रखा।पोकरण में हुई इस घटना के बाद प्रशासन और पुलिस की सक्रियता से स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। वहीं, लोगों की मांग है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले।