बजट में घोषणाएं ज्यादा, ज़मीन पर काम कम: लोकसभा में सांसद राहुल कस्वां का तीखा हमला
लोकसभा में सांसद राहुल कस्वां ने बजट की हकीकत उजागर की, शिक्षा, पानी और रेलवे पर उठाए सवाल
लोकसभा में बजट पर चर्चा के दौरान सांसद राहुल कस्वां ने केंद्र सरकार की योजनाओं और उनके क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि वे सुर्खियों के आधार पर नहीं, बल्कि तथ्यों के साथ अपनी बात रख रहे हैं। बजट की गहराई से समीक्षा करने पर साफ दिखता है कि बड़ी-बड़ी घोषणाएं तो होती हैं, लेकिन उनके नतीजे धरातल पर नजर नहीं आते और जवाबदेही शब्दों की आड़ में गायब हो जाती है।
सांसद राहुल कस्वां ने कहा कि केंद्र की कई प्रमुख योजनाओं में पूरा बजट खर्च ही नहीं हो पाता। पीएम कौशल विकास योजना का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि हर वर्ष हजारों करोड़ रुपये का आवंटन किया गया, लेकिन वास्तविक खर्च उससे काफी कम रहा। यही स्थिति समग्र शिक्षा अभियान की भी है, जहां आवंटन के मुकाबले खर्च कम या अधूरा रहा।
राजस्थान का जिक्र करते हुए सांसद ने बताया कि राज्य के 56 प्रतिशत स्कूलों में कमरे जर्जर और अनुपयोगी हैं। लाखों कक्षाओं की मरम्मत की जरूरत है और कई स्कूलों में बच्चियों के लिए शौचालय तक नहीं हैं। चूरू लोकसभा क्षेत्र में भीषण गर्मी में बच्चे पेड़ों के नीचे बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के ‘विकसित भारत’ विजन में शैक्षिक इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर कोई स्पष्ट सोच नजर नहीं आती। सरकारी स्कूलों में साइंस, कंप्यूटर और कॉमर्स जैसे विषयों की भारी कमी है, जिससे बच्चे रोजगार के लिए तैयार नहीं हो पा रहे।
पीएम इंटर्नशिप योजना और जल जीवन मिशन में भी बड़े पैमाने पर बजट खर्च न होने का मुद्दा उठाया गया। राजस्थान में पानी की भारी कमी के बावजूद कई टेंडर आज तक नहीं खुले और पुराने काम अधूरे पड़े हैं। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना में भी बजट कटौती का जिक्र करते हुए सांसद ने कहा कि इससे गांवों का आपसी संपर्क प्रभावित होगा। मनरेगा को लेकर उन्होंने आशंका जताई कि राज्यों पर बढ़ते वित्तीय बोझ के कारण यह योजना कमजोर होती जा रही है, जिससे मजदूरों की आजीविका पर संकट आएगा।
सांसद कस्वां ने कहा कि सिंचाई परियोजनाओं पर सरकार का कोई ठोस विजन नहीं है, जबकि पश्चिमी राजस्थान में इसके अभाव में किसान परेशान हैं। साथ ही उन्होंने राजस्थान में नई रेलवे लाइनों और राष्ट्रीय राजमार्गों की मांग रखी और सरकार से इन पर गंभीरता से कार्रवाई करने का आग्रह किया।