राजस्थान की सियासत में हलचल: भाजपा नेता देवी सिंह भाटी के तीखे तेवर सुर्खियों में
भाजपा नेता देवी सिंह भाटी ने भ्रष्टाचार व प्रशासनिक अव्यवस्था पर सरकार को घेरा। प्रदेश में राजनीतिक हलचल तेज।
राजस्थान की सियासत इन दिनों फिर गरमाई हुई है। भाजपा के वरिष्ठ और बेबाक नेता देवी सिंह भाटी अपनी ही सरकार के खिलाफ खुलकर बोलते हुए चर्चा में हैं। भाटी का कहना है कि राज्य में भ्रष्टाचार चरम पर है और प्रशासन पूरी तरह बेलगाम होता दिख रहा है। बीकानेर में स्थानीय व्यवस्थाओं की खराब स्थिति पर उन्होंने कड़े शब्दों में नाराजगी जताई। सड़कों, नालों और शहर के रखरखाव से जुड़े कार्यों को लेकर उन्होंने कहा कि हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं और यदि यही स्थिति रही तो राजस्थान की दशा बेहद चिंताजनक हो सकती है।
उन्होंने ‘डबल इंजन सरकार’ पर टिप्पणी करते हुए कहा कि इसका मतलब यह नहीं है कि ब्यूरोक्रेसी को पूरी छूट दे दी जाए या उस पर अंधा भरोसा किया जाए। भाटी के इन बयानो ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है।
इसी घटनाक्रम का वीडियो कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया। वीडियो के साथ डोटासरा ने लिखा कि भाजपा के ही वरिष्ठ नेता राज्य की बदहाली को खुलकर उजागर कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शासन और प्रशासन जमीनों की सौदेबाज़ी में उलझा है और कलेक्ट्रेट कार्यालय वसूली व बंदरबांट के केंद्र बनते जा रहे हैं। डोटासरा ने यह भी कहा कि आम जनता की आवाज़ दबाई जा रही है और पूरी व्यवस्था अव्यवस्थित हो चुकी है।
देवी सिंह भाटी के कड़े रुख की चर्चा इसलिए भी बढ़ रही है क्योंकि पिछले दिनों उन्होंने खेजड़ी बचाओ आंदोलन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि यदि भाजपा का कोई नेता इस आंदोलन के साथ नहीं खड़ा होता, तो वह भी दोषी माना जाएगा। इस बयान को भी सरकार के प्रति उनकी बढ़ती नाराजगी का संकेत माना जा रहा है।
हाल ही में भाटी की मुलाकात पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से हुई थी। राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि इस मुलाकात के बाद से उनके तेवर और कठोर हो गए हैं। कांग्रेस नेताओं ने भी इस मुद्दे को सरकार पर हमले का मौका माना और इसे भाजपा के अंदरूनी असंतोष का संकेत बताया।
राजस्थान की राजनीति में भाटी हमेशा अपनी साफगोई और बेबाक बयानों के लिए जाने जाते हैं, और एक बार फिर उनके तीखे तेवर सियासी हलचल को तेज कर रहे हैं।