पचपदरा रिफाइनरी अंतिम चरण में, मुंद्रा पोर्ट से पहुंचा पहला क्रूड ऑयल
पचपदरा रिफाइनरी परियोजना का 96.4% कार्य पूरा हो चुका है। मुंद्रा पोर्ट पर कच्चे तेल की पहली खेप पहुंचने के साथ ही टेस्टिंग प्रक्रिया शुरू हो गई है।
राजस्थान की पचपदरा रिफाइनरी परियोजना अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है। अब तक इस परियोजना का 96.4 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और शेष कार्य भी तेजी से किया जा रहा है। शुक्रवार को सचिवालय में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड की राज्य स्तरीय टास्क फोर्स की सातवीं बैठक आयोजित की गई, जिसमें परियोजना की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक में बताया गया कि रिफाइनरी के लिए कच्चे तेल की पहली खेप मुंद्रा पोर्ट पर पहुंच चुकी है। अरब मिक्स से आए इस कच्चे तेल को पोर्ट के छह टैंकों से पाइपलाइन के जरिए पचपदरा रिफाइनरी तक लाया जाएगा। यह परियोजना के लिए एक अहम उपलब्धि मानी जा रही है। मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ शेष कार्य समय पर पूरा करने के निर्देश दिए।
अधिकारियों ने जानकारी दी कि बालोतरा से पचपदरा तक 12 किलोमीटर लंबी रेलवे लाइन बिछाई जाएगी, जबकि पचपदरा से रिफाइनरी साइट तक रेलवे लाइन का निर्माण एचआरआरएल द्वारा किया जाएगा। इससे कच्चे माल और तैयार उत्पादों की ढुलाई आसान होगी। बैठक में यह भी बताया गया कि मेहसाना-भटिंडा गैस पाइपलाइन से गैस की आपूर्ति शुरू हो चुकी है और फ्लेयर सिस्टम चालू होने के साथ टेस्टिंग प्रक्रिया भी आरंभ हो गई है। नाचना रिजर्व से पाइपलाइन के जरिए रिफाइनरी में पानी की आपूर्ति भी शुरू हो गई है।
एचपीसीएल के सीएमडी विकास कौशल ने कहा कि राज्य सरकार के सहयोग से परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है। खान एवं पेट्रोलियम विभाग के प्रमुख सचिव टी. रविकान्त ने बताया कि यह रिफाइनरी जीरो लिक्विड इफ्लूएंट डिस्चार्ज पर आधारित है, यानी यहां किसी भी तरह का तरल अपशिष्ट बाहर नहीं जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, रिफाइनरी के शुरू होने से प्रदेश में निवेश, रोजगार और राजस्व के नए अवसर पैदा होंगे।