राजस्थान में मौसम का कहर: 20 जिलों में बारिश का अलर्ट, ओलावृष्टि से किसानों की फसल बर्बाद

राजस्थान के 20 जिलों में बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट, ठंड बढ़ी, किसानों की फसलों को भारी नुकसान।

Jan 28, 2026 - 10:51
राजस्थान में मौसम का कहर: 20 जिलों में बारिश का अलर्ट, ओलावृष्टि से किसानों की फसल बर्बाद

उत्तर भारत में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। पहाड़ी इलाकों में हुई भारी बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों में बारिश के चलते कड़ाके की ठंड लौट आई है। इसी कड़ी में मौसम केंद्र जयपुर ने राजस्थान के 20 जिलों में अगले 48 घंटे बाद फिर से बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस बदलते मौसम ने आम जनजीवन के साथ-साथ किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है।

इन जिलों में बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार जिन जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है, उनमें टोंक, सवाई माधोपुर, जयपुर, दौसा, भरतपुर, धौलपुर, करौली, भीलवाड़ा, बूंदी, कोटा, अलवर, झुंझुनूं, सीकर, श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ शामिल हैं। विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और मौसम से जुड़ी एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है।

राजस्थान में बदला मौसम का मिजाज

मंगलवार अलसुबह से ही प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आया। राजधानी जयपुर सहित सवाई माधोपुर, अलवर और बीकानेर संभाग के कुछ क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। बादलों की आवाजाही और ठंडी हवाओं ने तापमान में तेजी से गिरावट ला दी।

खंडार क्षेत्र में जमकर हुई ओलावृष्टि

सवाई माधोपुर जिले के खंडार क्षेत्र में मौसम का सबसे ज्यादा असर देखने को मिला। बहरावण्डा, टोरडा, फलौदी, छाण और कुस्तला सहित कई गांवों में शाम के समय करीब 15 से 20 मिनट तक तेज ओलावृष्टि हुई। बारिश और तेज हवाओं के साथ गिरे ओलों से खेतों में सफेद चादर सी बिछ गई। इस प्राकृतिक आपदा ने किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है।

किसानों की मेहनत पर फिरा पानी

ओलावृष्टि और तेज हवाओं के कारण खेतों में खड़ी सरसों और गेहूं की फसलें आड़ी हो गई हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि मौसम जल्द साफ नहीं हुआ तो फसलों के पूरी तरह खराब होने की आशंका है। महीनों की मेहनत पर पानी फिरता देख खंडार क्षेत्र के किसानों के चेहरों पर चिंता साफ झलक रही है। कई किसानों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग भी की है।

अलवर में सबसे कम तापमान

बारिश और ओलावृष्टि के चलते प्रदेश में एक बार फिर ठंड ने जोर पकड़ लिया है। मौसम विभाग के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में सबसे कम न्यूनतम तापमान अलवर में 4.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बर्फीली हवाओं के कारण ठंड और ज्यादा बढ़ गई है। लोग फिर से भारी ऊनी कपड़े पहनने और अलाव जलाने को मजबूर हो गए हैं। जोधपुर संभाग में ‘शीत दिवस’ जैसी स्थिति बनी रही।

घने कोहरे का येलो अलर्ट

मौसम विभाग ने बुधवार के लिए उत्तर और पश्चिमी राजस्थान के कई हिस्सों में घने कोहरे का येलो अलर्ट जारी किया है। कोहरे के कारण दृश्यता कम होने की आशंका है, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है। विभाग ने वाहन चालकों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।

मौसम विभाग की चेतावनी

मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, वर्तमान में एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण प्रदेश में परिसंचरण तंत्र बना हुआ है। 28 जनवरी से मौसम के शुष्क होने की संभावना है, लेकिन उत्तरी हवाओं के कारण तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक और गिरावट आ सकती है। 29 और 30 जनवरी को घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। वहीं 31 जनवरी और 1 फरवरी को एक और नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिससे उत्तर और पूर्वी राजस्थान में फिर से हल्की बारिश देखने को मिल सकती है। कुल मिलाकर, आने वाले दिन प्रदेशवासियों के लिए ठंड और मौसम की चुनौती लेकर आने वाले हैं।