साध्वी प्रेम बाईसा की रहस्यमयी मौत: इंजेक्शन, वीडियो और जांच के नए खुलासे
जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत की जांच तेज। इंजेक्शन, वायरल वीडियो, कॉल रिकॉर्ड और आश्रम के घटनाक्रम में पुलिस को मिले नए सुराग।
जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पोस्टमार्टम की शुरुआती रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं होने के बाद पुलिस अब विसरा और एफएसएल रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि यह प्राकृतिक मृत्यु थी या किसी साजिश के तहत हत्या की गई। इसी कड़ी में घटनाक्रम की पूरी टाइमलाइन को जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।
आश्रम में पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक टीम
मौत वाले दिन क्या हुआ, इसकी जांच के लिए पुलिस फॉरेंसिक टीम के साथ आरती नगर स्थित आश्रम पहुंची। साध्वी के पिता वीरमनाथ और सेवादार सुरेश भी इस दौरान मौजूद थे। चूंकि मौत वाले दिन का खाना सुरेश ने ही बनाया था, इसलिए खाने के सैंपल भी लिए गए। पुलिस ने शुरुआती पूछताछ के लिए आठ सवाल तैयार किए हैं, जिन्हें कंपाउंडर देवी सिंह, प्रेक्षा अस्पताल के मालिक डॉक्टर प्रवीण जैन, सेवादार सुरेश और साध्वी के मामा गंगाराम से पूछा जा रहा है।
मौत से पहले के 24 घंटे क्या कहते हैं?
सेवादार सुरेश के अनुसार, साध्वी 27 जनवरी की रात अजमेर से जोधपुर पहुंचीं। अगले दिन उन्हें गले में खराश थी और उन्होंने गरारे व काढ़ा लिया। 28 जनवरी की शाम करीब 5 बजे साध्वी ने सुरेश को फोन कर बताया कि डॉक्टर आया है। गेट पर कंपाउंडर देवी सिंह मिला, जो साध्वी के कमरे में गया और केवल 1-2 मिनट में वापस आ गया। सुरेश का कहना है कि तभी साध्वी की तेज आवाज सुनाई दी और वह मुख्य गेट के पास बेहोश होकर गिर चुकी थीं। पिता वीरमनाथ भी उसी समय पहुंच गए और तुरंत उन्हें कार से अस्पताल ले जाया गया। रास्ते में साध्वी की सांसें अटकने लगीं। सुरेश ने बताया कि इस दौरान साध्वी कह रही थीं— “पापा, मुझे न्याय दिला देना।”अस्पताल पहुंचने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
इंजेक्शन बने शक का केंद्र
देवी सिंह ने स्वीकार किया कि उसने साध्वी को डेक्सोना और डायनापार के इंजेक्शन लगाए थे। सुरेश के मुताबिक, अंतिम समय में साध्वी के नाखून नीले पड़ गए थे, जिससे जहरीला असर होने की आशंका भी जताई जा रही है। मेडिकल दस्तावेजों की गहन जांच जारी है।
वायरल वीडियो और कॉल रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में
सुरेश ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के कारण साध्वी मानसिक दबाव में थीं। इसलिए पुलिस इस एंगल की भी जांच कर रही है। साध्वी के कॉल रिकॉर्ड, हालिया यात्राएँ, मुलाकातें, संपत्ति और आय से जुड़े दस्तावेज भी खंगाले जा रहे हैं। एसआईटी सीसीटीवी फुटेज, कॉल रिकॉर्ड और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर पूरे मामले की कड़ियाँ जोड़ने में जुटी हुई है।