शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी बने खिलाड़ियों की आवाज़, खेल कोटा भर्ती में न्याय की मांग
विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने खेल कोटा भर्ती में अन्याय के खिलाफ मुख्यमंत्री को पत्र लिखा।
राजस्थान में खिलाड़ियों के अधिकार और सम्मान से जुड़ा बड़ा मुद्दा एक बार फिर सुर्खियों में है। हाल ही में राज्य सरकार द्वारा जारी किए गए राजस्थान पुलिस कांस्टेबल खेल कोटा भर्ती नियमों में संशोधन के बाद खिलाड़ियों में गहरी नाराज़गी देखी जा रही है। इसी को लेकर शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी अब खिलाड़ियों की आवाज़ बनकर सामने आए हैं।
विधायक भाटी ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर नई भर्ती व्यवस्था पर पुनर्विचार करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सरकार का यह संशोधन खिलाड़ियों के हितों के खिलाफ है और इससे खेल भावना को ठेस पहुंची है।
🔹 खिलाड़ियों की शिकायत — नई नीति ने छीना हक
खिलाड़ियों ने विधायक से मुलाकात कर बताया कि नई भर्ती प्रक्रिया में अब नेशनल पार्टिसिपेंट्स को अयोग्य घोषित कर दिया गया है और पहले मिलने वाले 17 बोनस अंक पूरी तरह समाप्त कर दिए गए हैं। अब भर्ती केवल CET परीक्षा पर आधारित है, जिससे हजारों खिलाड़ियों का भविष्य अधर में लटक गया है।
विधायक भाटी ने पत्र में उल्लेख किया कि 2024 की पुलिस खेल कोटा भर्ती में नियम परिवर्तन के कारण 94% पद खाली रह गए, और 2025 में भी वही स्थिति बन रही है। उन्होंने मांग की कि पुलिस भर्ती में खेल कोटा की पूर्व व्यवस्था बहाल की जाए, 17 और 16 बोनस अंक पुनः लागू किए जाएं तथा CET को हटाया जाए।
🔹 खिलाड़ियों में बढ़ी नाराज़गी, सम्मान की लड़ाई बनी मांग
खिलाड़ियों का कहना है कि यह केवल नौकरी नहीं बल्कि सम्मान और अधिकार की लड़ाई है। वे वर्षों तक मेहनत कर राज्य और देश का नाम रोशन करते हैं, लेकिन नीतिगत बदलावों ने उनके सपनों को ठेस पहुंचाई है।
🔹 भाटी के समर्थन से बढ़ा खिलाड़ियों का मनोबल
विधायक भाटी के समर्थन के बाद पूरे राजस्थान में खिलाड़ियों के बीच एकजुटता और उम्मीद का माहौल बना है। खेल जगत अब सरकार से संवेदनशील और दूरदर्शी निर्णय की अपेक्षा कर रहा है।
यदि राज्य सरकार खिलाड़ियों की इस मांग पर सकारात्मक कदम उठाती है, तो यह न केवल हजारों खिलाड़ियों के भविष्य को सुरक्षित करेगा, बल्कि राजस्थान के खेल परिदृश्य को नई दिशा देगा।