आंसुओं और तिरंगे की विदाई: 8 साल के बेटे नमन ने दी पिता को मुखाग्नि, गांव में छाया मातम
अलवर के कठूमर क्षेत्र के जांगरू गांव में बीएसएफ की 155वीं बटालियन के जवान गोविंद बैरवा (34) का शुक्रवार को पूर्ण सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
अलवर, 10 जनवरी 2026: सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की 155वीं बटालियन के जवान गोविंद बैरवा (उम्र 34 वर्ष) का शुक्रवार को उनके पैतृक गांव जांगरू (कठूमर थाना क्षेत्र, अलवर) में पूर्ण सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। भावुक कर देने वाले दृश्य में मात्र 8 वर्षीय पुत्र नमन ने अपने पिता को मुखाग्नि दी, जिसने उपस्थित हजारों लोगों की आंखें नम कर दीं।
गोविंद बैरवा का निधन बुधवार (7 जनवरी) को पंजाब के फिरोजपुर में ड्यूटी के दौरान अचानक बीमारी से हो गया था। वे मूल रूप से अलवर जिले के कठूमर क्षेत्र के जांगरू गांव के निवासी थे। 14 वर्ष पहले जोधपुर से बीएसएफ में भर्ती हुए गोविंद को मिर्गी की पुरानी बीमारी थी, जिसके कारण उन्हें कई वर्षों से दौरे पड़ते थे। पिछले महीने छुट्टी पर गांव आए थे और 13 दिसंबर को ड्यूटी पर वापस लौट गए थे। उनकी पत्नी सपना देवी और बेटा नमन अलवर शहर में रहते हैं।
गुरुवार को बीएसएफ इंस्पेक्टर रामनिवास यादव सहित अन्य जवानों ने गोविंद बैरवा का पार्थिव शरीर फिरोजपुर से बीएसएफ वाहन में जांगरू गांव लाया। शुक्रवार सुबह गांव में लगभग 1 किलोमीटर लंबी तिरंगा यात्रा निकाली गई। यात्रा में सैकड़ों युवा हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लहराते हुए 'भारत माता की जय' और 'वंदे मातरम' के नारे लगाते चल रहे थे। रास्ते में कई जगहों पर ग्रामीणों ने फूलों की वर्षा कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
पार्थिव शरीर घर पहुंचते ही माहौल गमगीन हो गया। पत्नी सपना देवी, मां पारवो देवी और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। बीएसएफ जवानों ने पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित किया और गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया। सुबह 11 बजे अंतिम संस्कार स्थल पर सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई।
इस मौके पर कठूमर थानाधिकारी रामजीलाल मीना, ग्राम पंचायत प्रशासक रेखा देवी बैरवा सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। उन्होंने भी पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धासुमन भेंट किए। बीएसएफ इंस्पेक्टर रामनिवास यादव ने शोक संतप्त पत्नी सपना देवी को एक लाख रुपये की नगद सहायता राशि सौंपी।