31 साल की उम्र में 3 दर्जन मुकदमे: 1 लाख इनामी ड्रग तस्कर कोलकाता से धराया, ATS-ANTF की फिल्मी स्टाइल गिरफ्तारी!

31 वर्षीय रमेश (धोरीमन्ना, बाड़मेर निवासी) एक लाख रुपए इनामी ड्रग तस्कर है, जिस पर 5 राज्यों में लगभग ३ दर्जन मुकदमे दर्ज हैं। वह एमडी (मेफेड्रोन) ड्रग्स का प्रमुख सरगना था। महाराष्ट्र जेल में डॉ. बिरजू से संपर्क के बाद ८ साल से इस कारोबार में सक्रिय।

Jan 16, 2026 - 17:54
31 साल की उम्र में 3 दर्जन मुकदमे: 1 लाख इनामी ड्रग तस्कर कोलकाता से धराया, ATS-ANTF की फिल्मी स्टाइल गिरफ्तारी!

जोधपुर। राजस्थान पुलिस की एटीएस और एएनटीएफ टीम ने 5 राज्यों में वांटेड एक लाख रुपए के इनामी ड्रग तस्कर रमेश को पश्चिम बंगाल के कोलकाता से गिरफ्तार कर लिया है। 31 साल की उम्र वाले इस शातिर अपराधी पर मुकदमों की संख्या उसकी उम्र से भी ज्यादा है। पुलिस से बचने के लिए नाम बदलने से लेकर 12 ज्योतिर्लिंग और 4 धामों की यात्रा तक, रमेश की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं। आईजी विकास कुमार ने बताया कि आरोपी एमडी (मेफेड्रोन) ड्रग्स के बड़े कारोबार का सरगना था, जो हवाई जहाज से माल सप्लाई करता था और एक किलो एमडी से 30 लाख का मुनाफा कमाता था।

फिल्मी स्टाइल में गिरफ्तारी: मजदूरी करके दोस्ती, ट्रैवल एजेंट से क्लू!

एटीएस और एएनटीएफ को सूचना मिली कि रमेश कोलकाता में छिपकर फिर से नशे का कारोबार शुरू करने की फिराक में है। टीम ने हवाई टिकटों की जांच की और पता चला कि जनवरी के पहले हफ्ते में रमेश कोलकाता से पुणे गया और दूसरे हफ्ते वापस लौटा। इसके बाद टीम कोलकाता पहुंची और कड़ी निगरानी शुरू की। रमेश न तो राजस्थान में किसी से संपर्क में था और न ही मोबाइल यूज कर रहा था, जिससे उसका ठिकाना ट्रेस करना मुश्किल हो गया।

जांच में सामने आया कि रमेश के रिश्तेदार की हावड़ा और कोलकाता में स्टीम की दो दुकानें हैं, जहां उसका आना-जाना लगा रहता था। टीम ने हावड़ा की 'जगदम्बा स्टीम' दुकान पर नजर रखी। एएनटीएफ टीम ने दुकान के पास किराए का कमरा लिया और राजस्थान से काम की तलाश में आए होने का बहाना बनाकर दुकान के लड़कों से दोस्ती की। टीम सदस्यों ने हावड़ा और कोलकाता के न्यू टाउन इलाके में मजदूरी शुरू की। बातों-बातों में एक वर्कर ने क्लू दिया कि रमेश को धार्मिकता सवार है और वह लगातार मंदिरों की यात्रा कर रहा है। वह गंगासागर जाने वाला है।

टीम ने गंगासागर यात्रा की इच्छुक बनकर ट्रैवल एजेंट से संपर्क किया और उसे काबू में लिया। पूछताछ में एजेंट ने बताया कि रमेश का सड़क मार्ग से गंगासागर का टिकट है और उसकी पत्नी रमेश के घर पर खाना बनाती है। हावड़ा पुलिस की मदद से टीम ने रमेश को उसके ठिकाने से दबोच लिया।

 केमिस्ट्री टीचर से केमिकल तस्कर: कोलकाता में छिपा था 'बड़ा बिजनेसमैन'!

कोलकाता में रमेश खुद को केमिस्ट्री का टीचर और हाल ही में केमिकल्स का व्यापारी बता रहा था। वह केमिकल फैक्ट्री लगाने के लिए जगह तलाशने का बहाना बनाकर वहां रह रहा था। अपार्टमेंट के लोग उसे बड़ा बिजनेसमैन समझते थे। लेकिन हकीकत में वह एमडी ड्रग्स का बड़ा सरगना था, जो महाराष्ट्र जेल में डॉ. बिरजू से मिलने के बाद इस धंधे में कूद गया था।

फरारी में धार्मिक यात्राएं: 12 ज्योतिर्लिंग और 4 धाम घूमे, प्रायश्चित या छिपने का बहाना?

पुलिस से बचने के लिए रमेश ने राज्य के बाहर फरारी काटी। पकड़े जाने से बचने और 'प्रायश्चित' के नाम पर उसने सभी 12 ज्योतिर्लिंगों और चारों धामों की परिक्रमा की। गिरफ्तारी से कुछ दिन पहले ही वह जगन्नाथ पुरी से घूमकर लौटा था। पुलिस से बचने के लिए वह बहुरूपिया बन गया- कहीं रामेश, कहीं रामलाल, कहीं अनिल तो कहीं कोई और नाम रखकर कारोबार करता था। 

उम्र से ज्यादा मुकदमे: 5 राज्यों में दर्ज हैं 3 दर्जन केस!

31 साल के रमेश पर मुकदमों की संख्या करीब तीन दर्जन है। उसने खुद कबूल किया कि राजस्थान में 15-17, गुजरात में 8, तेलंगाना में 3, महाराष्ट्र में 2 और कर्नाटक में 1 मामला दर्ज है। पुलिस वेरिफिकेशन कर रही है। 8 साल से वह ड्रग्स कारोबार में सक्रिय है। इसके अलावा वाहन चोरी, शराब तस्करी, मारपीट, लूट और फिरौती के लिए किडनैपिंग के भी मामले हैं।

एमडी फैक्ट्री का सरगना: जोधपुर-बाड़मेर में पकड़ी गईं फैक्ट्रियां,

1 लाख लागत से 30 लाख मुनाफा!हाल ही में पश्चिमी राजस्थान में पकड़ी गई एमडी फैक्ट्रियों का मास्टरमाइंड रमेश था। जोधपुर के कुड़ी भगतासनी, बाड़मेर के सेवाड़ा और सिरोही में पकड़ी फैक्ट्रियां उसके गैंग की थीं। आईजी ने बताया कि रमेश ने महाराष्ट्र से नया फॉर्मूला सीखा, जिसमें ब्रोमो, कास्टिक सोडा, हाइड्रोक्लोरिक एसिड, टार्लबन और एथिल अल्कोहल मिलाकर एमडी बनाई जाती है। प्रोसेस में 5-7 दिन लगते हैं। एक किलो एमडी की लागत 1 लाख रुपए, लेकिन बाजार में 30 लाख बिकती है।रमेश हवाई जहाज से पुणे माल सप्लाई करता था। महाराष्ट्र जेल में डॉ. बिरजू से संपर्क के बाद उसने खुद फैक्ट्रियां लगाईं। सहयोगियों की जमीन पर कारखाने स्थापित करता था। डॉ. बिरजू के जरिए केमिकल एक्सपर्ट आते थे और मुंबई की एक महिला से मुंबई-पुणे और गुजरात से केमिकल्स मंगवाता था। 

भंवरी देवी कांड के सूत्रधार का करीबी: वाहन चोरी से शुरू हुआ अपराध का सफर!

रमेश के अपराध की शुरुआत वाहन चोरी से हुई। वह भंवरी देवी कांड के सूत्रधार बिश्नाराम का करीबी था। रमेश ने दर्जनों चोरी की गाड़ियां बिश्नाराम को सप्लाई कीं, जो अवैध शराब और नशे के कारोबार में इस्तेमाल होती थीं। बाद में रमेश ने बिश्नाराम से नाता तोड़कर खुद सरगना बन गया। 12वीं पास रमेश ने शौक पूरे करने के लिए गाड़ियां चुरानी शुरू कीं, फिर इसे धंधा बना लिया। सैकड़ों वाहन चोरी कर बेचे, फिर शराब तस्करी में कूदा और महाराष्ट्र जेल में डॉ. बिरजू से मिलकर एमडी कारोबार शुरू किया। 

धोरीमन्ना में मार्बल फैक्ट्री और कार डेकॉर दुकान: अवैध कमाई से लग्जरी जीवन!

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, रमेश ने बाड़मेर के धोरीमन्ना में मार्बल की बड़ी फैक्ट्री लगाई है। साथ ही कार डेकॉर की दुकान और फार्म हाउस भी हैं। वह शिव मंदिर के पास, नेडी नाडी, थाना धोरीमन्ना का निवासी है।यह गिरफ्तारी राजस्थान पुलिस के लिए बड़ी कामयाबी है, जो ड्रग्स तस्करी के खिलाफ चल रही मुहिम को मजबूती देगी। आरोपी से पूछताछ जारी है, जिसमें और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।