परिवहन विभाग घूसकांड: एसीबी की कार्रवाई में बीजेपी नेता की गिरफ्तारी से सियासी भूचाल
अजमेर परिवहन विभाग घूसकांड में एसीबी की बड़ी कार्रवाई, बीजेपी नेता की गिरफ्तारी से राजनीति गरमाई
अजमेर परिवहन विभाग से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की कार्रवाई के बाद जिले की राजनीति में हलचल मच गई है। इस मामले में नसीराबाद भाजपा मंडल अध्यक्ष संजय यादव का नाम सामने आने और उनकी गिरफ्तारी के बाद सियासी गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। सूत्रों के मुताबिक, एसीबी को कॉल डिटेल रिपोर्ट (सीडीआर) में दलालों से बातचीत और लेनदेन से जुड़े अहम सुराग मिले हैं, जिनकी गहन जांच की जा रही है।
परिवहन विभाग से जुड़ा है पूरा मामला
पूरा प्रकरण अजमेर जिले के बिजयनगर क्षेत्र से जुड़ा है, जहां परिवहन इंस्पेक्टर जल सिंह को एसीबी ने पहले गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया कि जल सिंह और कुछ दलालों के बीच लंबे समय से संपर्क बना हुआ था। इसी कड़ी में संजय यादव का नाम भी जांच के दायरे में आया है। सूत्रों का कहना है कि संजय यादव और जल सिंह के बीच लगातार संपर्क रहा, जिसकी पुष्टि कॉल डिटेल रिपोर्ट से होने की संभावना जताई जा रही है।
एसीबी के पास पुख्ता सबूत होने का दावा
एसीबी सूत्रों के अनुसार, एजेंसी के पास कई दलालों से बातचीत, पैसों के लेनदेन और अलग-अलग ठिकानों पर की गई गतिविधियों से जुड़े प्रमाण मौजूद हैं। जांच एजेंसी ने अजमेर हाईवे, आरटीओ कार्यालय के आसपास और घूघरा बूढ़ाबाय समेत नजदीकी गांवों में सर्च अभियान चलाया। कार्रवाई की भनक लगते ही कुछ दलाल मौके से फरार हो गए, जबकि कई लोगों ने अपने मोबाइल फोन बंद कर दिए।
अब तक 10 गिरफ्तार, 6 कस्टडी में
अब तक की कार्रवाई में एसीबी ने कुल 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें से 6 आरोपियों को न्यायिक कस्टडी में भेज दिया गया है, जबकि 4 आरोपियों को एसीबी की मांग पर रिमांड पर लिया गया है। एसीबी का कहना है कि रिमांड के दौरान पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं, जिससे पूरे नेटवर्क का खुलासा होने की उम्मीद है।
संजय यादव की गिरफ्तारी से बढ़ी सियासी हलचल
नसीराबाद भाजपा मंडल अध्यक्ष संजय यादव की गिरफ्तारी के बाद जिले की राजनीति में उबाल आ गया है। बीजेपी खेमे में इस कार्रवाई को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच भी इस मामले को लेकर असहजता देखी जा रही है। मामला तूल पकड़ने के बाद यह सीधे भाजपा के प्रदेश नेतृत्व तक पहुंच चुका है।
बीजेपी नेतृत्व पर टिकी निगाहें
भाजपा देहात अध्यक्ष जीतमल प्रजापत ने इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि फिलहाल संजय यादव पुलिस कस्टडी में हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि चालान पेश होने के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ हो पाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि पूरे मामले की जानकारी भाजपा प्रदेश नेतृत्व को दे दी गई है और आगे की कार्रवाई प्रदेश स्तर से मिलने वाले निर्देशों के अनुसार ही की जाएगी।
जांच जारी, और खुलासों की संभावना
एसीबी का कहना है कि यह जांच अभी शुरुआती चरण में है और आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। कॉल डिटेल रिपोर्ट, वित्तीय लेनदेन और अन्य दस्तावेजों की गहन पड़ताल की जा रही है। जांच एजेंसी का फोकस इस बात पर है कि परिवहन विभाग में भ्रष्टाचार का पूरा नेटवर्क किस तरह काम कर रहा था और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही।इस पूरे घटनाक्रम ने न केवल प्रशासनिक हलकों में बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी हलचल पैदा कर दी है। अब सबकी निगाहें एसीबी की आगे की जांच और भाजपा नेतृत्व के फैसले पर टिकी हुई हैं।