अमायरा की संदिग्ध मौत के बाद CBSE की जांच में खुली लापरवाही, नीरजा मोदी स्कूल की मान्यता रद्द

अमायरा केस में CBSE का सख्त एक्शन, नीरजा मोदी स्कूल की सीनियर सेकेंडरी मान्यता रद्द

Dec 31, 2025 - 07:38
अमायरा की संदिग्ध मौत के बाद CBSE की जांच में खुली लापरवाही, नीरजा मोदी स्कूल की मान्यता रद्द

छात्रा की संदिग्ध मौत ने खड़े किए गंभीर सवाल

छात्रा अमायरा की संदिग्ध मौत के मामले में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने नीरजा मोदी स्कूल के खिलाफ कड़ा कदम उठाया है। बोर्ड ने स्कूल की सीनियर सेकेंडरी (कक्षा 11 और 12) स्तर तक की मान्यता रद्द कर दी है। यह फैसला CBSE की दो सदस्यीय तथ्य-जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर लिया गया है, जिसमें स्कूल प्रशासन की ओर से सुरक्षा और छात्र संरक्षण से जुड़ी गंभीर लापरवाही सामने आई है।

CBSE की जांच समिति ने क्या पाया

CBSE द्वारा गठित दो सदस्यीय समिति ने स्कूल परिसर का निरीक्षण किया और दस्तावेजों की जांच की। रिपोर्ट में साफ तौर पर कहा गया कि स्कूल में छात्रों की सुरक्षा को लेकर जरूरी इंतजाम नहीं किए गए थे। CCTV कैमरों की संख्या और उनकी निगरानी व्यवस्था अपर्याप्त पाई गई। कई हिस्सों में कैमरे या तो काम नहीं कर रहे थे या उनकी कवरेज सीमित थी, जिससे पूरे परिसर पर प्रभावी नजर नहीं रखी जा सकी।

बुनियादी सुरक्षा व्यवस्थाओं की भारी कमी

जांच में यह भी सामने आया कि स्कूल की ऊंची मंजिलों पर सेफ्टी नेट और मजबूत रेलिंग जैसी बुनियादी सुरक्षा व्यवस्थाएं मौजूद नहीं थीं। ऐसे में किसी भी तरह की दुर्घटना या अनहोनी की आशंका बनी रहती है। समिति ने इसे गंभीर चूक माना है, खासकर तब जब स्कूल में बड़ी संख्या में छात्र पढ़ते हैं।

मानसिक स्वास्थ्य और काउंसलिंग पर लापरवाही

रिपोर्ट में छात्रों की मानसिक स्थिति पर ध्यान न देने की बात भी सामने आई है। स्कूल में प्रभावी काउंसलिंग सिस्टम नहीं था, जिससे छात्रों की मानसिक परेशानियों को समय रहते पहचाना और दूर किया जा सके। इसके अलावा एंटी-बुलिंग, POCSO और चाइल्ड प्रोटेक्शन कमेटियां केवल कागजों तक सीमित पाई गईं। इन कमेटियों की नियमित बैठकें और सक्रिय भूमिका नहीं दिखी।

निगरानी व्यवस्था रही कमजोर

CBSE की जांच में यह भी पाया गया कि स्कूल के हर फ्लोर पर स्टाफ की तैनाती नहीं थी। इससे छात्रों पर निगरानी कमजोर हो गई। छात्र और स्टाफ दोनों ही ID कार्ड नहीं पहन रहे थे, जिससे यह पहचानना मुश्किल था कि कौन छात्र है और कौन स्टाफ का सदस्य। यह स्थिति स्कूल परिसर की सुरक्षा के लिहाज से गंभीर मानी गई।

घटना के बाद सबूतों से छेड़छाड़ का आरोप

जांच रिपोर्ट का सबसे गंभीर पहलू यह रहा कि घटना के बाद मौके से खून के धब्बे साफ कर दिए गए थे। इससे फोरेंसिक जांच प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। समिति ने इसे जांच प्रक्रिया में बाधा डालने जैसा कदम माना है और इस पर कड़ी आपत्ति दर्ज की है।

कारण बताओ नोटिस और असंतोषजनक जवाब

CBSE ने इन सभी खामियों को देखते हुए 20 नवंबर 2025 को नीरजा मोदी स्कूल को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। स्कूल प्रशासन की ओर से जो जवाब दिया गया, उसे बोर्ड ने संतोषजनक नहीं माना। इसके बाद ही सीनियर सेकेंडरी स्तर की मान्यता रद्द करने का फैसला लिया गया।

छात्रों को मिली सीमित राहत

हालांकि CBSE ने छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए एक राहत भी दी है। बोर्ड ने सत्र 2025-26 में कक्षा 10वीं और 12वीं के छात्रों को उसी स्कूल से बोर्ड परीक्षा देने की अनुमति दी है, ताकि उनकी पढ़ाई और परीक्षा प्रभावित न हो।

शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

इस पूरे मामले ने निजी स्कूलों में छात्रों की सुरक्षा, निगरानी और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। CBSE का यह कदम एक सख्त संदेश माना जा रहा है कि छात्र सुरक्षा में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।