भांकरोटा गैस टैंकर हादसा: एक साल बाद भी गिरफ्तारी नहीं, संसद में गूंजा मामला

भांकरोटा गैस टैंकर हादसे पर सांसद हनुमान बेनीवाल ने संसद में सरकार से जांच और गिरफ्तारी को लेकर सवाल उठाए

Jan 29, 2026 - 20:03
भांकरोटा गैस टैंकर हादसा: एक साल बाद भी गिरफ्तारी नहीं, संसद में गूंजा मामला

जयपुर के निकट भांकरोटा क्षेत्र में दिसंबर 2024 में हुई भीषण गैस टैंकर त्रासदी का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। गुरुवार को लोकसभा में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने इस हादसे को लेकर सरकार से तीखे सवाल पूछे। उन्होंने हादसे की जांच, दोषियों की पहचान और अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी मांगी।

पेट्रोलियम राज्य मंत्री ने दिया लिखित जवाब

सांसद हनुमान बेनीवाल के सवाल पर पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने लोकसभा में लिखित जवाब प्रस्तुत किया। मंत्री ने बताया कि 20 दिसंबर 2024 को जयपुर-अजमेर राष्ट्रीय राजमार्ग पर भांकरोटा के पास बीपीसीएल का एक एलपीजी टैंकर यू-टर्न लेने का प्रयास कर रहा था। इसी दौरान एक ट्रक से उसकी टक्कर हो गई, जिससे टैंकर में गैस रिसाव हुआ और यह बड़ा हादसा घटित हुआ।

हाईकोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान

सरकार की ओर से यह भी जानकारी दी गई कि इस गंभीर हादसे पर राजस्थान हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया था। हाईकोर्ट ने मामले की विस्तृत जांच के साथ-साथ सड़क सुरक्षा और नियमों के सख्त पालन पर जोर दिया। हादसे से जुड़े मामले में जयपुर महानगर द्वितीय के अतिरिक्त सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में चालान भी पेश किया जा चुका है।

आगे की जांच की प्रक्रिया जारी

राजस्थान सरकार के हवाले से बताया गया कि सड़क, यातायात शिक्षा संस्थान द्वारा संबंधित सड़क प्राधिकरणों, ठेकेदारों, परामर्शदाताओं और रियायतकर्ताओं के खिलाफ मोटर वाहन नियमों के कथित उल्लंघन को लेकर रिपोर्ट तैयार की गई है। इस रिपोर्ट के आधार पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 193(9) के तहत आगे की जांच शुरू कर दी गई है।

एक साल बाद भी कोई गिरफ्तारी नहीं” – बेनीवाल

सरकारी जवाब के बाद सांसद हनुमान बेनीवाल ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि इतने बड़े हादसे को एक वर्ष से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक किसी भी जिम्मेदार व्यक्ति की गिरफ्तारी नहीं हुई है। न ही जांच के निष्कर्षों में किसी को दोषी ठहराया गया है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

सरकार की नीयत पर उठाए सवाल

हनुमान बेनीवाल ने आरोप लगाया कि यदि सरकार की मंशा मृतकों के परिजनों को न्याय दिलाने की होती, तो राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े जिम्मेदार अधिकारियों, टैंकर को सुरक्षा प्रमाण पत्र देने वाली एजेंसियों और संबंधित कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाती। लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ, जिससे सरकार की नीति और नीयत दोनों पर सवाल खड़े होते हैं।

हादसा बताकर मामले को दबाया जा रहा”

सांसद बेनीवाल ने कहा कि इतनी बड़ी त्रासदी को केवल एक दुर्घटना बताकर और किसी को जिम्मेदार न ठहराकर मामले को खत्म करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने इसे भाजपा सरकार की संवेदनहीनता करार देते हुए कहा कि इस रवैये से पीड़ित परिवारों को न्याय नहीं मिल पा रहा है।

न्याय की मांग जारी

भांकरोटा गैस टैंकर हादसा न सिर्फ एक सड़क दुर्घटना थी, बल्कि यह सुरक्षा मानकों, प्रशासनिक लापरवाही और जवाबदेही से जुड़ा गंभीर मामला है। सांसद हनुमान बेनीवाल ने दोहराया कि जब तक दोषियों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे इस मुद्दे को संसद और सड़क दोनों जगह उठाते रहेंगे।