केंद्र के बजट पर बेनीवाल का तीखा हमला, किसानों और युवाओं की उम्मीदों को झटका

RLP प्रमुख हनुमान बेनीवाल ने बजट को निराशाजनक बताते हुए किसानों, युवाओं और राजस्थान की अनदेखी का आरोप लगाया।

Feb 1, 2026 - 18:10
केंद्र के बजट पर बेनीवाल का तीखा हमला, किसानों और युवाओं की उम्मीदों को झटका

राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए आम बजट को पूरी तरह निराशाजनक बताया है। बेनीवाल का कहना है कि यह बजट किसानों, युवाओं, गरीबों और मध्यम वर्ग की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा है। उन्होंने कहा कि महंगाई नियंत्रण, रोजगार सृजन और निम्न आय वर्ग को राहत देने जैसे मुद्दों पर सरकार की ओर से कोई ठोस कदम देखने को नहीं मिला।

गांव, गरीब और किसान की अनदेखी का आरोप

सांसद बेनीवाल ने कहा कि बजट में ग्रामीण भारत और किसान हितों को प्राथमिकता नहीं दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों की कर्ज माफी या किसी बड़े राहत पैकेज का कोई जिक्र नहीं किया गया। वहीं महंगाई और बेरोज़गारी जैसे मुद्दों पर भी बजट में कोई ठोस नीति नजर नहीं आई। उनके अनुसार, आर्थिक आंकड़ों की पारदर्शिता को लेकर भी कई सवाल खड़े होते हैं, जिससे आम जनता का बजट पर भरोसा कम होता है।

राजस्थान को नहीं मिला अपेक्षित लाभ

बेनीवाल ने विशेष रूप से राजस्थान को मिले बजट आवंटन पर निराशा जताई। उन्होंने कहा कि राजस्थान की भौगोलिक परिस्थितियों और लंबे समय से की जा रही मांगों के बावजूद न तो राज्य को विशेष राज्य का दर्जा मिला और न ही कोई विशेष पैकेज। यहां तक कि वित्त मंत्री के बजट भाषण में राजस्थान का नाम तक नहीं लिया गया, जिसे बेनीवाल ने राज्य की जनता का अपमान बताया।

रेल परियोजनाओं में भी उपेक्षा

बेनीवाल ने रेल मंत्री और रेल राज्य मंत्री दोनों के राजस्थान से जुड़े होने के बावजूद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर में राज्य को शामिल नहीं किए जाने पर भी नाराज़गी जताई। उन्होंने कहा कि सात नई हाई स्पीड कॉरिडोर की घोषणा हुई, लेकिन इनमें राजस्थान का नाम शामिल नहीं है।

किसान और युवाओं के लिए कोई रोडमैप नहीं

बेनीवाल ने कहा कि सरकार 2047 के विकसित भारत की बात तो कर रही है, लेकिन वर्तमान चुनौतियों से जूझ रही जनता के लिए त्वरित राहत देने के उपाय बजट में नजर नहीं आए। उन्होंने कहा कि किसानों की कर्ज माफी और युवाओं को स्थायी रोजगार देने के लिए कोई रोडमैप प्रस्तुत न करना सरकार की संवेदनहीनता को दर्शाता है।