मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने किया ‘एकता मार्च’, बोले — सरदार पटेल ने रियासतों को जोड़ भारत को बनाया सशक्त
सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर CM भजनलाल शर्मा ने जयपुर में एकता मार्च कर श्रद्धांजलि दी।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर जयपुर में ‘एकता मार्च’ का नेतृत्व किया। गांधी सर्किल से अमर जवान ज्योति तक लगभग 3 किलोमीटर के पैदल मार्च में मुख्यमंत्री ने आमजन, जनप्रतिनिधियों और युवाओं के साथ भाग लिया। इस दौरान उन्होंने लौह पुरुष सरदार पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदान को याद किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने आजादी के बाद देश की 560 से अधिक रियासतों का विलय कर एक सशक्त भारत का निर्माण किया। उन्होंने विविधता में एकता के विचार को जीवंत किया और ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को जन-जन तक पहुंचाया।
🔹 युवाओं से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का आह्वान
भजनलाल शर्मा ने युवाओं से कहा कि वे हर परिस्थिति में राष्ट्रहित और राष्ट्रीय एकता को सर्वोपरि रखें। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति ही आत्मनिर्भर भारत की सबसे बड़ी ताकत है और यदि युवा जागरूक रहेंगे तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं रहेगा।
🔹 प्रधानमंत्री मोदी ने पूरा किया सरदार पटेल का अधूरा सपना
मुख्यमंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरदार पटेल को सच्ची श्रद्धांजलि दी है। अब जम्मू-कश्मीर भारत का पूर्ण और अभिन्न अंग है, जो सरदार पटेल की दृष्टि का परिणाम है।
🔹 युवाओं के लिए रोजगार और अवसर
भजनलाल शर्मा ने बताया कि राज्य सरकार युवाओं को सशक्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। अब तक 91 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं और डेढ़ लाख पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। इसके अलावा युवा उद्यमियों को 140 करोड़ रुपये का ऋण स्वीकृत किया गया है।
🔹 देशभक्ति के नारों से गुंजा जयपुर
एकता मार्च के दौरान गांधी सर्किल से अमर जवान ज्योति तक का मार्ग देशभक्ति और एकता के नारों से गूंज उठा। आमजन ने मुख्यमंत्री पर पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी, मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़, सांसद घनश्याम तिवाड़ी और अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के अंत में आमजन को आत्मनिर्भर भारत की शपथ दिलाई और सरदार पटेल के सपनों के भारत के निर्माण का संकल्प दोहराया।