भ्रामक सोशल मीडिया पोस्टों का खंडन: बाड़मेर को मिला राष्ट्रीय जल पुरस्कार पूरी तरह वैध और प्रमाणिक
बाड़मेर जिले को 'जल संचय जन भागीदारी' (JSJB) कार्यक्रम के तहत जल संरक्षण और जन भागीदारी में उत्कृष्ट कार्य के लिए राष्ट्रीय प्रथम पुरस्कार मिला था। 18 नवंबर 2025 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा यह पुरस्कार और 2 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। सोशल मीडिया पर कुछ पोस्टों में 'जल शक्ति अभियान: कैच द रेन' (CTR) पोर्टल के डुप्लीकेट फोटो दिखाकर पुरस्कार को फर्जी बताया जा रहा है। जिला कलक्टर टीना डाबी ने इन पोस्टों को भ्रामक और फर्जी करार देते हुए स्पष्ट किया कि JSJB और CTR दो अलग-अलग कार्यक्रम हैं।
बाड़मेर, 30 दिसंबर 2025: राजस्थान के रेगिस्तानी जिले बाड़मेर को जल संरक्षण के क्षेत्र में मिली राष्ट्रीय स्तर की बड़ी उपलब्धि पर सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही अफवाहों और भ्रामक पोस्टों का जिला प्रशासन ने कड़ा खंडन किया है। जिला कलक्टर टीना डाबी ने स्पष्ट किया कि कुछ सोशल मीडिया पोस्ट पूरी तरह फर्जी और गुमराह करने वाले हैं, जिनका मकसद जनता को भ्रमित करना और जिला प्रशासन की छवि को धूमिल करना है।
बाड़मेर जिले को 'जल संचय जन भागीदारी' (JSJB) कार्यक्रम के तहत वर्षा जल संग्रहण और जन भागीदारी में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया था। यह सम्मान 18 नवंबर 2025 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित छठे राष्ट्रीय जल पुरस्कार समारोह में महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के कर-कमलों से जिला कलक्टर टीना डाबी को प्रदान किया गया। पुरस्कार के साथ जिले को 2 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि भी मिली।
जिला कलक्टर टीना डाबी ने बताया कि पुरस्कार का आधार JSJB पोर्टल पर ब्लॉक और जिला स्तर पर सत्यापित किए गए आंकड़े, जियो-टैग्ड फोटोग्राफ्स और भौतिक सत्यापन थे। इस अभियान के तहत जिले में 79,000 से अधिक टांका और अन्य जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण किया गया, जिसमें व्यापक जन भागीदारी रही। यह मॉडल अब पूरे देश में रेगिस्तानी क्षेत्रों के लिए प्रेरणा बन चुका है।
हालांकि, सोशल मीडिया पर कुछ पोस्टों में 'जल शक्ति अभियान: कैच द रेन' (JSA-CTR) पोर्टल के स्क्रीनशॉट दिखाकर दावा किया जा रहा है कि अपलोड की गई फोटो डुप्लीकेट या फर्जी हैं। जिला कलक्टर ने इस पर स्पष्ट किया कि JSJB और CTR दो पूरी तरह अलग-अलग कार्यक्रम और पोर्टल हैं।
JSJB पोर्टल: पुरस्कार का आधार। यहां केवल सत्यापित और प्रमाणिक कार्यों के फोटो अपलोड होते हैं, जिनकी ब्लॉक और जिला स्तर पर जांच होती है।
CTR पोर्टल: केवल सूचनात्मक और प्रदर्शनीय उद्देश्य के लिए है। इसका पुरस्कार से कोई सीधा संबंध नहीं है।
टीना डाबी ने बताया कि CTR पोर्टल पर 12 ब्लॉकों में से केवल 3 ब्लॉकों में कुछ डुप्लीकेट फोटो अपलोड होने की बात सामने आई है। इस पर संबंधित ब्लॉक विकास अधिकारियों (BDO) के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है और सही फोटो अपलोड किए जा रहे हैं। लेकिन इन मामूली त्रुटियों को JSJB पुरस्कार से जोड़कर भ्रामक प्रचार करना पूरी तरह असत्य और दुष्प्रचार है।
जिला प्रशासन ने अपील की है कि जनता सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही ऐसी अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचना पर विश्वास करें। यह उपलब्धि जिले के अधिकारियों, कर्मचारियों और आम जनता की सामूहिक मेहनत का परिणाम है, जो बाड़मेर को जल-सुरक्षित बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हुई है।