जैसलमेर में कड़ाके की सर्दी, पारा 3.3 डिग्री पहुंचा, कोहरे से जनजीवन बेहाल
जैसलमेर में तापमान 3.3 डिग्री तक गिरा, घना कोहरा छाया, सर्द हवाओं से जनजीवन और खेती प्रभावित
सीमावर्ती जिले जैसलमेर में सर्दी ने इस सीजन का सबसे कठोर रूप दिखाया है। गुरुवार रात न्यूनतम तापमान गिरकर 3.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस सर्दी का अब तक का सबसे कम तापमान है। बीते दो दिनों की तुलना में तापमान में करीब 5 डिग्री की भारी गिरावट दर्ज की गई। दिन के समय भी ठंड का असर साफ दिखाई दिया और अधिकतम तापमान केवल 17.8 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम में अचानक आई इस बदलाव से लोगों को तेज ठिठुरन का सामना करना पड़ा।
लगातार तीसरे दिन घना कोहरा
जैसलमेर और आसपास के क्षेत्रों में लगातार तीसरे दिन घना कोहरा छाया रहा। सुबह के समय दृश्यता बेहद कम रही और कई स्थानों पर 10 से 30 मीटर तक भी साफ दिखाई नहीं दिया। चांधन, फलसूंड, पोकरण और नाचना क्षेत्र में कोहरे के कारण सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए। कम दृश्यता के चलते यातायात प्रभावित हुआ और आम लोग सुबह देर तक घरों से बाहर नहीं निकले। गड़ीसर तालाब और आसपास के इलाकों में कोहरे की चादर बिछी रही।
नाचना क्षेत्र में बढ़ी ठंड, पशुपालक परेशान
नाचना क्षेत्र में सर्दी लगातार बढ़ती जा रही है। यहां न्यूनतम तापमान 4.5 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया। सर्द हवाओं के कारण सुबह और शाम के समय ठंड ज्यादा महसूस हो रही है। लोग गर्म कपड़ों का सहारा ले रहे हैं, वहीं पशुपालकों को अपने पशुओं को ठंड से बचाने के लिए विशेष इंतजाम करने पड़ रहे हैं।
तापमान सामान्य से काफी नीचे
मौसम विभाग के अनुसार जैसलमेर सहित पश्चिमी राजस्थान में अधिकतम तापमान सामान्य से करीब 5.1 डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान भी औसत से काफी नीचे बना हुआ है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों तक सर्दी का असर बना रह सकता है और रात के तापमान में और गिरावट होने की संभावना है।
रबी फसलों पर पाले का खतरा
कृषि विज्ञान केंद्र, पोकरण के अनुसार जब न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस या उससे नीचे चला जाता है, उत्तर दिशा से ठंडी हवाएं चलती हैं और आसमान साफ रहता है, तब फसलों में पाले का खतरा बढ़ जाता है। ऐसी स्थिति में चना, जीरा और सरसों जैसी रबी फसलें अधिक प्रभावित होती हैं। विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि पाले की आशंका होने पर 0.2 प्रतिशत सल्फ्यूरिक एसिड या 0.1 प्रतिशत गंधक के घोल का छिड़काव करें। साथ ही हल्की सिंचाई करने से भी पाले के प्रभाव को कम किया जा सकता है।
राज्यभर में सर्दी और कोहरे का असर
उत्तर भारत में ठंड का प्रकोप लगातार जारी है और राजस्थान में भी हालात गंभीर बने हुए हैं। कई जिलों में घने कोहरे के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। दृश्यता घटने से सड़क और रेल यातायात प्रभावित हुआ है, कई ट्रेनें अपने तय समय से देरी से चल रही हैं। हालात को देखते हुए मौसम विभाग ने शुक्रवार को राज्य के 16 जिलों में कोहरा और शीतलहर का येलो अलर्ट जारी किया है।
स्कूलों में छुट्टी और समय में बदलाव
भीषण सर्दी को ध्यान में रखते हुए राजस्थान के 27 जिलों में गुरुवार को स्कूलों में छुट्टी रखी गई। जोधपुर में प्रशासन ने सरकारी और निजी स्कूलों का समय बदलकर सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक कर दिया है, ताकि बच्चों को सुबह की तेज ठंड से राहत मिल सके।
आने वाले दिनों का पूर्वानुमान
मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार अगले एक सप्ताह तक मौसम शुष्क बना रहेगा, लेकिन राहत की उम्मीद कम है। अगले 2 से 3 दिनों में राज्य के उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों में तापमान 1 से 2 डिग्री सेल्सियस और गिर सकता है। ऐसे में सुबह के समय घना कोहरा और शीतलहर का असर जारी रहने की संभावना है।