रेगिस्तान से बॉलीवुड तक: बाड़मेर के महिपाल धाटी का फिल्म ‘इक्कीस’ से दमदार डेब्यू
बाड़मेर के छोटे गांव से निकले महिपाल धाटी ने 1971 युद्ध पर बनी फिल्म ‘इक्कीस’ से बॉलीवुड में एंट्री की।
राजस्थान के बाड़मेर जिले की चौहटन तहसील के छोटे से गांव गुमाने का तला के निवासी महिपाल धाटी ने बॉलीवुड में कदम रखकर पूरे इलाके का नाम रोशन किया है। 1971 के भारत-पाक युद्ध पर आधारित फिल्म ‘इक्कीस’ में अहम भूमिका निभाकर महिपाल ने बड़े पर्दे पर अपना पहला प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। फिल्म के 1 जनवरी को रिलीज होते ही गांव और जिले में खुशी का माहौल बन गया।
फिल्म ‘इक्कीस’ की कहानी
फिल्म ‘इक्कीस’ भारत के सबसे कम उम्र के परमवीर चक्र विजेता सेकेंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल के जीवन और बलिदान पर आधारित है। इसमें अगस्त्य नंदा ने अरुण खेत्रपाल की भूमिका निभाई है, जबकि धर्मेंद्र उनके पिता ब्रिगेडियर एम.एल. खेत्रपाल के किरदार में नजर आ रहे हैं। जयदीप अहलावत ने पाकिस्तानी ब्रिगेडियर की भूमिका निभाई है। फिल्म का निर्देशन श्रीराम राघवन ने किया है।
महिपाल धाटी की खास मौजूदगी
फिल्म में महिपाल धाटी की परफॉर्मेंस दर्शकों का ध्यान खींचने में सफल रही है। सीमित स्क्रीन टाइम के बावजूद उनकी अभिनय क्षमता की सराहना हो रही है। सोशल मीडिया पर भी लोग उनकी तारीफ कर रहे हैं और उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दे रहे हैं।
गांव से बॉलीवुड तक का सफर
गुमाने का तला जैसे छोटे गांव से निकलकर बॉलीवुड तक पहुंचना आसान नहीं होता। महिपाल ने मेहनत, लगन और धैर्य से यह मुकाम हासिल किया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उनकी सफलता से इलाके के युवाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।
बाड़मेर के लिए गर्व का पल
महिपाल धाटी की इस उपलब्धि को बाड़मेर और पूरे राजस्थान के लिए गर्व का क्षण माना जा रहा है। थार के रेगिस्तान से निकली यह प्रतिभा साबित करती है कि मेहनत और हुनर के दम पर कोई भी बड़ा सपना पूरा किया जा सकता है। जिलेभर से महिपाल को बधाइयां और शुभकामनाएं मिल रही हैं।