मनरेगा बचाओ संग्राम: बाड़मेर में कांग्रेस की जोरदार सभाएं, केंद्र की नीतियों पर साधा निशाना

बाड़मेर के शिव विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस पार्टी ने मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत रविवार को कई ग्रामीण इलाकों (जुनेजो की बस्ती, राणे जी की बस्ती, कोटड़ा, आकली, निंबला, थुंबली, नागडदा, पोशाल, कायम की बस्ती, मौख़ाब कल्ला आदि) में सभाएं आयोजित कीं। सैकड़ों किसान, मजदूर, ग्रामीण और युवा शामिल हुए।

Jan 18, 2026 - 19:14
मनरेगा बचाओ संग्राम: बाड़मेर में कांग्रेस की जोरदार सभाएं, केंद्र की नीतियों पर साधा निशाना

बाड़मेर। शिव विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस पार्टी ने मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत रविवार को ग्रामीण स्तर पर व्यापक सभाओं का आयोजन किया। इस अभियान के अंतर्गत ग्राम पंचायत जुनेजो की बस्ती, राणे जी की बस्ती, कोटड़ा, आकली, निंबला, थुंबली, नागडदा, पोशाल, कायम की बस्ती और मौख़ाब कल्ला सहित कई स्थानों पर सैकड़ों किसानों, मजदूरों, ग्रामीणों और युवाओं ने हिस्सा लिया।

 ग्रामीणों ने मनरेगा योजना और मतदाता सूची से जुड़ी अपनी गंभीर समस्याओं को खुलकर रखा।कार्यक्रम में बाड़मेर कांग्रेस जिलाध्यक्ष लक्ष्मणसिंह गोदारा और पूर्व जिलाध्यक्ष फतेह ख़ाँ के पहुंचने पर स्थानीय कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने पारंपरिक साफा पहनाकर उनका जोरदार स्वागत किया। पूरे क्षेत्र में जागरूकता और उत्साह का माहौल देखने को मिला।

ख़ाँ ने कांग्रेस की ओर से स्पष्ट किया कि पार्टी इस जनविरोधी नीति को कभी स्वीकार नहीं करेगी और मनरेगा बचाने के लिए हर लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेगी।इसके अलावा, ख़ाँ ने राजस्थान में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि यह प्रक्रिया निष्पक्ष नहीं दिख रही। कई बूथों पर प्रशासन पर दबाव डालकर विशेष विचारधारा से जुड़े मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं, जबकि सत्ताधारी दल से जुड़े संदिग्ध नामों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही। इसे उन्होंने लोकतंत्र और संविधान पर हमला करार देते हुए कहा कि मतदाता सूची में हेरफेर चुनावी व्यवस्था को कमजोर करती है और आम नागरिक के वोट के अधिकार का खुला उल्लंघन है।बाड़मेर कांग्रेस जिलाध्यक्ष लक्ष्मणसिंह गोदारा ने अपने संबोधन में मनरेगा को गांवों की आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार बताया। उन्होंने कहा कि यह योजना ग्रामीण परिवारों को नियमित आय प्रदान करती है, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी हो पाती हैं। गोदारा ने चेतावनी दी कि मनरेगा को कमजोर करने से गांवों की अर्थव्यवस्था चरमरा जाएगी, इसलिए इसकी रक्षा आज की सबसे बड़ी जरूरत है।SIR प्रक्रिया पर बोलते हुए गोदारा ने मांग की कि पुनरीक्षण पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष हो। किसी योग्य मतदाता का नाम बिना ठोस कारण के नहीं हटाया जाना चाहिए।सभाओं के समापन पर ग्रामीणों ने सामूहिक संकल्प लिया कि वे मनरेगा और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए संगठित रहेंगे। कांग्रेस नेताओं ने दोहराया कि यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक मनरेगा पूरी मजबूती से लागू नहीं होती और मतदाता सूची में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं की जाती।