नागौर रियांबड़ी किसान आंदोलन उग्र, सांसद बेनीवाल का अल्टीमेटम, हाईवे चक्का जाम की चेतावनी के साथ कूच

नागौर के रियांबड़ी में किसान आंदोलन महापड़ाव में बदला, हनुमान बेनीवाल ने प्रशासन को अल्टीमेटम देकर चक्का जाम की चेतावनी दी।

Jan 13, 2026 - 16:51
नागौर रियांबड़ी किसान आंदोलन उग्र, सांसद बेनीवाल का अल्टीमेटम, हाईवे चक्का जाम की चेतावनी के साथ कूच

नागौर जिले के रियांबड़ी क्षेत्र में किसानों का आंदोलन मंगलवार को निर्णायक और उग्र मोड़ पर पहुंच गया। पिछले आठ दिनों से जारी धरने को अब ‘महापड़ाव’ का रूप दे दिया गया है। इस आंदोलन की अगुवाई कर रहे नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने प्रशासन को सवा चार बजे तक का अंतिम अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यदि तय समय तक किसानों की मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ, तो आज ही हाईवे कूच कर चक्का जाम शुरू किया जाएगा। इसके बाद उन्होंने कूच कर दिया  है। 

प्रशासन पर बढ़ता दबाव

सांसद हनुमान बेनीवाल ने मंच से कहा कि प्रशासन किसानों के धैर्य की परीक्षा न ले। उन्होंने बताया कि अधिकारियों ने मंगलवार तक समाधान का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई नतीजा सामने नहीं आया है। इसी कारण आंदोलन को और तेज किया गया है। बेनीवाल ने कहा कि अब इंतजार खत्म हो चुका है और किसानों को मजबूरी में सख्त कदम उठाने पड़ेंगे।

रणनीति तैयार, इशारे का इंतजार

सभा को संबोधित करते हुए बेनीवाल ने कहा कि आंदोलन की पूरी रणनीति तैयार है। जैसे ही इशारा मिलेगा, किसान हाईवे की ओर कूच करेंगे। इस ऐलान के बाद प्रशासन और पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है। आसपास के हाईवे और प्रमुख मार्गों पर पुलिस ने चौकसी बढ़ा दी है ताकि किसी भी स्थिति से निपटा जा सके। ट्वीट करके हनुमान बेनीवाल ने यह जानकारी दी 

अब बात नहीं करनी’

किसान स्वाभिमान रैली में सांसद बेनीवाल का तेवर काफी सख्त नजर आया। उन्होंने कहा कि हमने उन लोगों को वापस भेज दिया है और अब उनसे कोई बातचीत नहीं होगी। उन्होंने दो टूक कहा कि अब बात बनी तो भी ठीक है और नहीं बनी तो भी ठीक है, क्योंकि यह आंदोलन अब सिर्फ हाईवे तक सीमित नहीं रहेगा। उनके इस बयान से साफ संकेत मिलते हैं कि आंदोलन का दायरा और बढ़ सकता है।

जयपुर तक कूच की चेतावनी

हनुमान बेनीवाल ने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ी तो आंदोलन हाईवे से आगे बढ़कर राजधानी जयपुर तक पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन अब पूरे राजस्थान में फैल सकता है। मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि किसानों की अनदेखी की गई तो सरकार को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। साथ ही युवाओं में जोश भरते हुए उन्होंने कहा कि अगर हालात बिगड़े, तो पार्टी कार्यकर्ताओं में दिल्ली तक पहुंचने की ताकत भी है।


इन छह मांगों पर अड़ा है महापड़ाव

किसान महापड़ाव मुख्य रूप से छह प्रमुख मांगों को लेकर अड़ा हुआ है।

1. अवैध बजरी खनन पर रोक – बजरी माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग।

2. फसल बीमा भुगतान – किसानों के बकाया बीमा क्लेम का तुरंत भुगतान।

3. रेलवे लाइन परियोजना – पुष्कर-मेड़ता-रास रेलवे लाइन के कार्य में तेजी।

4. बिजली दरों में राहत – हाई टेंशन लाइन की बढ़ी हुई दरों से निजात

5. मुकदमे वापसी – किसानों पर दर्ज राजनीतिक मुकदमों को रद्द करना।

6. स्थानीय समस्याओं का समाधान – क्षेत्र से जुड़ी अन्य लंबित मांगों पर कार्रवाई।

क्षेत्र बना छावनी, भारी पुलिस बल तैनात

सांसद के सख्त रुख और चक्का जाम की चेतावनी के बाद रियांबड़ी क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। करीब 10 थानों का पुलिस जाप्ता मौके पर तैनात है। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। धरने पर नारायण बेनीवाल, इंदिरा देवी बावरी और दिलीप सिंह सहित कई पूर्व विधायक और दिग्गज नेता डटे हुए हैं।

आज का दिन अहम

कुल मिलाकर, रियांबड़ी का किसान आंदोलन आज निर्णायक मोड़ पर खड़ा है। प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत सफल होती है या हाईवे चक्का जाम की स्थिति बनती है, यह आने वाले कुछ घंटों में साफ हो जाएगा। पूरे जिले और प्रदेश की नजरें अब रियांबड़ी पर टिकी हुई हैं।