फोन आने के सिर्फ 5 मिनट बाद हार्ट अटैक... BLO टीचर की मौत से गूंजा सवाई माधोपुर, परिजनों ने तहसीलदार पर लगाया गंभीर आरोप

सवाई माधोपुर जिले के खंडार क्षेत्र में BLO हरिओम बैरवा (34), जो ग्रेड-3 शिक्षक थे, की बुधवार सुबह हार्ट अटैक से मौत हो गई। तहसीलदार जयप्रकाश रोलन का फोन सुबह 7:32 बजे आया और ठीक 5 मिनट बाद हरिओम बेहोश होकर गिर पड़े।

Nov 19, 2025 - 16:02
फोन आने के सिर्फ 5 मिनट बाद हार्ट अटैक... BLO टीचर की मौत से गूंजा सवाई माधोपुर, परिजनों ने तहसीलदार पर लगाया गंभीर आरोप
SIR ke दौरान File photo

सवाई माधोपुर/खंडार। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के काम में दिन-रात एक कर रहे बहरावंडा खुर्द के BLO हरिओम बैरवा (34) की बुधवार सुबह हृदयाघात से अचानक मौत हो गई। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि सुबह 7:32 बजे तहसीलदार जयप्रकाश रोलन का फोन आया और ठीक 5 मिनट बाद ही हरिओम बेहोश होकर गिर पड़े। परिजनों का सीधा आरोप है कि तहसीलदार लगातार काम का भारी दबाव बना रहे थे, जिसके चलते हरिओम पिछले 6 दिन से गहरे मानसिक तनाव और डिप्रेशन में थे।हरिओम सेवती खुर्द के राजकीय प्राथमिक विद्यालय में ग्रेड थर्ड शिक्षक थे। छह साल पहले नौकरी लगी थी। हाल ही में उन्हें बहरावंडा खुर्द पंचायत का BLO चार्ज मिला था। SIR का काम इतना ज्यादाू था कि वे रात को सो नहीं पाते थे और घर में किसी से ठीक से बात तक नहीं करते थे।

पिता का दर्द – “पता नहीं तहसीलदार ने क्या कहा कि 5 मिनट बाद ही चला गया”

मृतक के पिता बृजमोहन बैरवा ने आंसुओं के बीच बताया, बेटा पिछले कई दिनों से परेशान था। तहसीलदार जयप्रकाश रोलन रोज फोन करके SIR का काम जल्दी पूरा करने का दबाव डालते थे। बुधवार सुबह 7:32 बजे फिर फोन आया। बात करने के बाद हरिओम अचानक चिल्लाया और बेहोश होकर गिर पड़ा। हमने तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।” 

चार मासूम बेटियों का सहारा छिना

हरिओम की चार छोटी-छोटी बेटियां हैं। छोटा भाई हितेश बैरवा ने बताया, 

“भाई को BLO का चार्ज मिलने के बाद से नींद नहीं आती थी। रात-रात भर काम करते थे। दबाव इतना था कि वे डिप्रेशन में चले गए थे। आज उसी तनाव ने उनकी जान ले ली।”

तहसीलदार ने खारिज किए आरोप

तहसीलदार जयप्रकाश रोलन ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, 

“हरिओम बहुत अच्छा और मेहनती वर्कर था। वह SIR का काम पूरी लगन से कर रहा था। आज सुबह उच्च अधिकारियों से जो निर्देश मिले थे, वही मैंने सभी BLO को दिए थे। किसी पर कोई व्यक्तिगत दबाव नहीं डाला गया। उनकी मौत बहुत दुखद है, मुझे भी गहरा सदमा लगा है। आरोप पूरी तरह निराधार हैं।”

पुलिस ने अभी तक दर्ज नहीं की FIR

परिजन बहरावंडा खुर्द चौकी पहुंचे और लिखित शिकायत दी। चौकी प्रभारी धर्मपाल सिंह ने उन्हें खंडार थाने भेज दिया। खंडार थानाधिकारी लक्ष्मण सिंह ने बताया, 

“अभी तक परिजनों की ओर से कोई लिखित रिपोर्ट नहीं दी गई है। रिपोर्ट मिलते ही नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।”इस घटना ने एक बार फिर चुनाव ड्यूटी और SIR जैसे अतिरिक्त कार्यों से शिक्षकों पर पड़ रहे मानसिक दबाव की गंभीर समस्या को उजागर कर दिया है। चार अनाथ बेटियों का भविष्य अब अनिश्चितता के अंधेरे में डूब गया है। परिजन इंसाफ की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई शुरू नहीं हुई है।