राजस्थान उड़ान को तैयार: एयरोस्पेस–डिफेंस नीति से बनेगा नया मैन्युफैक्चरिंग पावरहाउस

राजस्थान सरकार ने एयरोस्पेस एवं डिफेंस क्षेत्र में निवेश और रोजगार बढ़ाने के उद्देश्य से नई नीति लागू की है। इस नीति से राज्य को मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने, स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने और बड़े निवेश आकर्षित करने में मदद मिलेगी।

Jan 28, 2026 - 19:53
राजस्थान उड़ान को तैयार: एयरोस्पेस–डिफेंस नीति से बनेगा नया मैन्युफैक्चरिंग पावरहाउस

जयपुर, 28 जनवरी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार ने औद्योगिक विकास की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए राजस्थान एयरोस्पेस एण्ड डिफेंस पॉलिसी लागू की है। इस नीति का उद्देश्य राज्य को देश के प्रमुख एयरोस्पेस और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित करना है, जिससे न केवल आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी बल्कि रोजगार के हजारों नए अवसर भी सृजित होंगे।

राज्य सरकार विकसित राजस्थान के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए कृषि, ऊर्जा, शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे और उद्योग के साथ-साथ अब एयरोस्पेस व डिफेंस जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में भी आत्मनिर्भरता को मजबूती दे रही है। नई नीति के तहत रक्षा एवं अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी से जुड़े विनिर्माण और सेवाक्षेत्र में बड़े निवेश को आकर्षित करने पर विशेष जोर दिया गया है। साथ ही एमएसएमई, स्टार्टअप्स और नवाचार आधारित इकोसिस्टम को बढ़ावा देने की स्पष्ट रूपरेखा तय की गई है।

इस नीति के अंतर्गत एयरोस्पेस एवं डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग, उपकरण व घटक निर्माण, प्रिसीजन इंजीनियरिंग, सप्लाई चेन यूनिट्स और मेंटेनेंस, रिपेयर एवं ओवरहॉलिंग (MRO) से जुड़ी इकाइयों की स्थापना को प्रोत्साहन मिलेगा।

नीति के अनुसार विनिर्माण परियोजनाओं को तीन श्रेणियों—लार्ज, मेगा और अल्ट्रा मेगा—में वर्गीकृत किया गया है। 50 से 300 करोड़ रुपये के निवेश वाली परियोजनाएं लार्ज, 300 से 1000 करोड़ रुपये तक की परियोजनाएं मेगा और 1000 करोड़ रुपये से अधिक निवेश वाली परियोजनाएं अल्ट्रा मेगा श्रेणी में आएंगी। वहीं सर्विस सेक्टर में 25 से 100 करोड़ रुपये तक लार्ज, 100 से 250 करोड़ रुपये तक मेगा और 250 करोड़ रुपये से अधिक निवेश वाली परियोजनाएं अल्ट्रा मेगा मानी जाएंगी।

नीति के तहत पात्र उद्यमों को एसेट क्रिएशन इंसेंटिव के रूप में 7 वर्षों तक राज्य कर का 75 प्रतिशत पुनर्भरण मिलेगा। इसके अलावा विनिर्माण इकाइयों को 10 वर्षों में वितरित 20 से 28 प्रतिशत पूंजीगत अनुदान या टर्नओवर लिंक्ड इंसेंटिव का विकल्प दिया गया है, जबकि सर्विस सेक्टर के लिए यह लाभ 14 से 20 प्रतिशत तक रहेगा।

रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए एम्प्लॉयमेंट बूस्टर, शुरुआती बड़ी इकाइयों के लिए सनराइज बूस्टर, एंकर और थ्रस्ट बूस्टर जैसे अतिरिक्त प्रोत्साहन भी शामिल किए गए हैं। रीको से भूमि लेने वाली मेगा और अल्ट्रा मेगा इकाइयों को फ्लेक्सिबल लैंड पेमेंट और ऑफिस स्पेस लीज रेंटल सब्सिडी का लाभ मिलेगा।

निवेशकों के लिए बिजली शुल्क, मंडी शुल्क, स्टाम्प शुल्क और रूपांतरण शुल्क में बड़ी छूट, ग्रीन इंसेंटिव, स्किल ट्रेनिंग और बौद्धिक संपदा सृजन जैसे प्रावधान इस नीति को और अधिक आकर्षक बनाते हैं। सरकार का मानना है कि यह नीति राजस्थान को राष्ट्रीय स्तर पर एयरोस्पेस और डिफेंस सेक्टर का मजबूत स्तंभ बनाएगी।